धर्मशाला, 22 सितंबर 2025: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में कोतवाली बाजार के पास हुए गोलीकांड के महज 32 घंटे के भीतर ही पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। यह एक ब्लाइंड केस था, जिसमें कोई प्रत्यक्ष गवाह या स्पष्ट सुराग नहीं था, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और वाहन की नंबर प्लेट ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचा दिया।
19 और 20 सितंबर की मध्य रात्रि को धर्मशाला के कोतवाली बाजार क्षेत्र में कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद एक युवक ने पिस्तौल से फायर कर दिया और पांचों आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली चलाने वाला मुख्य आरोपी जसप्रीत सिंह (30) बताया गया है, जो पंजाब के गुरदासपुर जिले की बटाला तहसील का निवासी है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व विवरण:
- जसप्रीत सिंह (30) – निवासी राजगढ़ नंगल, तहसील बटाला
- रणजीत सिंह (28) – गांव कोटला बाजा सिंह, तहसील बटाला
- अर्शप्रीत सिंह (31) – निवासी राजगढ़ नंगल, तहसील बटाला
- जितेन्द्र सिंह (24) – निवासी नवरूप नगर, सिविल अस्पताल बटाला
- नीरज (26) – निवासी कडी हट्टी रोड, खजूरी गेट, बटाला
इस पूरी घटना को पुलिस ने “ब्लाइंड केस” करार दिया क्योंकि शुरुआती जांच में कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला था। न तो प्रत्यक्षदर्शी थे और न ही आरोपियों की पहचान। ऐसे में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी ट्रेसिंग और गुप्त सूचना तंत्र का सहारा लिया। घटना में इस्तेमाल किए गए वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त किया गया है। फायरिंग में प्रयुक्त पिस्तौल लाइसेंसी थी या अवैध, इसकी जांच जारी है।
कांगड़ा पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एक विशेष टीम गठित की गई, जिसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पंजाब भेजा गया। टीम ने लगातार छापेमारी कर 21 सितंबर को अमृतसर से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रिया जारी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
धर्मशाला थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं – 191(2), 191(3), 190, 352, 115(2), 351(3), 109 – और आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया है।
एसपी अशोक रत्न ने दोहराया कि जिला कांगड़ा पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
