हिमाचल प्रदेश में ब्रिटिश काल में निर्मित पठानकोट-जोगिंदरनगर रेललाइन को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। हैदराबाद की एक एजेंसी ने इस परियोजना के लिए सर्वे पूरा कर लिया है और 25 सितंबर, 2025 को रेलवे को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।
लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बताया कि कांगड़ा घाटी रेललाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की मांग लंबे समय से उठती रही है। इस मुद्दे को रेल मंत्री के समक्ष उठाया गया था, जिसके बाद परियोजना को गति मिली। उन्होंने घोषणा की कि नवंबर 2025 से पठानकोट से जोगिंदरनगर तक सभी रेलगाड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

34 स्टेशनों के साथ बढ़ेगी ट्रेनों की गति
इस परियोजना के तहत रेललाइन पर नए और पुराने मिलाकर कुल 34 स्टेशन होंगे। कई मोड़ों को ठीक किया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति में सुधार होगा। इसके अलावा, रेल ट्रैक पर पांच इंटरपाथ भी बनाए जाएंगे, जो परिचालन को और सुगम बनाएंगे।
बरसात की चुनौतियों का समाधान
सांसद ने बताया कि 2023 में बरसात के मौसम में चक्की खड्ड में आई बाढ़ के कारण रेलवे पुल बह गया था, जिसके बाद रेल सेवाएं ठप हो गई थीं। हालांकि, नूरपुर रोड से बैजनाथ तक रेलगाड़ियों का संचालन शुरू किया गया, लेकिन बरसात के मौसम में सेवाएं बार-बार बाधित होती रही हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे ने कार्य शुरू कर दिया है।
पपरोला स्टेशन की मरम्मत का आश्वासन
बैठक में सांसद भारद्वाज ने पपरोला में अमृत स्टेशन की छत टपकने की शिकायत पर भी रेलवे अधिकारियों से सवाल किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इसकी मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
यह परियोजना न केवल कांगड़ा घाटी के लोगों के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
