शिमला, 21 सितंबर — हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन महीनों से सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दो दिनों के भीतर मानसून प्रदेश से विदा ले सकता है। शनिवार को पूरे प्रदेश में धूप खिली रही, जिससे लोगों को राहत मिली, लेकिन इसी के साथ सुबह और शाम की ठंड ने भी दस्तक दे दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 21 से 23 सितंबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। सेऊबाग में तापमान में 4.8 डिग्री की गिरावट, जबकि नाहन में 2.3 डिग्री की वृद्धि देखी गई है। प्रदेश का सबसे अधिक तापमान ऊना में 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
डॉक्टरों ने बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को खांसी, जुकाम और मौसमी बुखार से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय गरम कपड़े पहनने की हिदायत दी जा रही है।

45% अधिक बारिश, भारी नुकसान
इस बार मानसून ने हिमाचल में सामान्य से 45 प्रतिशत अधिक बारिश दी है। 20 जून को पहुंचे मानसून के दौरान अब तक 1025.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि अधिक बारिश ने तबाही भी मचाई। राज्य में अब तक 245 लोगों की मौत, बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के कारण हो चुकी है।
इसके अलावा, प्रदेश को अब तक 4762 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। 46 लोग अभी भी लापता हैं। दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 375 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास लगातार जारी हैं।
शनिवार को मंडी जिले के दवाडा में फ्लाईओवर के पिलर में दरारें आने के बाद मंडी-कुल्लू मार्ग करीब पांच घंटे के लिए बंद रहा। वहीं कुल्लू और ऊना जिलों में एक-एक राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी अवरुद्ध हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और शाम की ठंड और बढ़ेगी। इससे सर्दियों की शुरुआत के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं।
