24 अक्टूबर बैजनाथ (चमन डोहरू ): बैजनाथ से फटाहर, दियोल और धरेड़ पंचायतों के लिए परिवहन निगम की बसें पिछले तीन महीनों से बंद हैं, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। तड़ा के पास सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण लोक निर्माण विभाग ने बड़े वाहनों के लिए मार्ग बंद कर दिया था, जिसके चलते निगम ने इस रूट की सात बसों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 11 बजे से पहले और शाम 5:45 बजे के बाद बैजनाथ से इन पंचायतों के लिए कोई बस नहीं मिलती, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय निवासियों वीरेंद्र कुमार, कुलभूषण, बद्री राम, ओम प्रकाश, करतार चंद, सुरेंद्र कुमार, जोगिंदर सिंह और दीप कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर बस सेवा बहाल नहीं हुई और तड़ा के पास रिटेनिंग वॉल का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो वे परिवहन निगम और लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
लोक निर्माण विभाग की सुस्ती, ठेकेदार की लापरवाही
लोक निर्माण विभाग ने सड़क मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया में एक महीना और टेंडर आवंटन में आधा महीना बर्बाद कर दिया। ठेकेदार ने भी काम को कछुआ गति से शुरू किया, जिसमें अब तक केवल तीन कंक्रीट डालकर बेस तैयार किया गया है, जबकि बाकी काम ठप पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गति से रिटेनिंग वॉल बनाने में महीनों लग सकते हैं।
निजी वाहनों को छूट, सरकारी बसों पर पाबंदी क्यों?
हैरानी की बात है कि क्षतिग्रस्त सड़क पर निजी बसें, रेत-ईंटों से लदे ट्रक और स्कूल बसें निर्बाध रूप से चल रही हैं, लेकिन निगम की बसों को रोक दिया गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि यदि सड़क बड़े वाहनों के लिए सुरक्षित है, तो सरकारी बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं। उनका आरोप है कि निगम और लोक निर्माण विभाग की उदासीनता के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तत्काल बस सेवा शुरू की जाए और सड़क मरम्मत का कार्य तेज किया जाए, अन्यथा वे मजबूरन आंदोलन करेंगे।
