स्वारघाट, 18 नवंबर। गो-तस्करी के बढ़ते नए-नए तरीकों के बीच बीती देर रात गरामौड़ा टोल प्लाजा पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। तस्करों ने कैंटर टेंपो में ऊपर से मोटी परत में पराली (घास-फूस) बिछा रखी थी, ताकि दूर से देखने पर लगे कि वाहन में सिर्फ पराली ही लदी है, लेकिन पराली हटाने पर नीचे सात गोवंश बेहद दयनीय हालत में बंधे हुए मिले।
गौ रक्षा दल के जिला प्रधान निक्सन कुमार और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पराली के नीचे गोवंश छिपाकर ले जाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत कीरतपुर साहिब पुलिस को अलर्ट किया। मौके पर पहुंची पुलिस और गौ रक्षा दल की संयुक्त टीम ने टेंपो को घेराबंदी कर रोक लिया। तलाशी में पराली के नीचे सात जीवित गोवंश मिले, जिनकी हालत अत्यंत गंभीर थी। वाहन में न तो पानी की कोई व्यवस्था थी और न ही चारा, जिससे स्पष्ट था कि इन्हें कत्लखाने तक ले जाने की नीयत से तस्करी की जा रही थी।
वाहन चालक की पहचान मुहम्मद बिलाल, निवासी जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई। उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी कंडक्टर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस अभी फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पहले से ही नाकाबंदी की गई थी। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पंजाब निषेध गो-वध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वाहन जब्त कर लिया गया है तथा सभी गोवंशों को उपचार के लिए नजदीकी गौशाला भेजा गया है।
गौ रक्षा दल के सदस्यों ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस का आभार जताया और कहा कि तस्कर अब नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, लेकिन हमारी टीम चौकस है और ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
