नालागढ़ (सोलन), 11 दिसंबर।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा (हेरोइन) अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। पंजाब के बाद अब हिमाचल के युवा इस खतरनाक नशे की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। नशे की लत ने न सिर्फ युवाओं की जिंदगी बर्बाद की है, बल्कि कई परिवार भी उजड़ रहे हैं। सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल के अभिपुर गांव में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चिट्टे के आदी पति से परेशान एक युवती ने आत्महत्या करने की कोशिश की।
पीड़िता की मानसिक स्थिति गंभीर बनी हुई है और वह अभी अस्पताल में भर्ती है।
पिता ने बताया कि करीब पांच साल पहले उनकी बेटी की शादी बरूणा माजरा निवासी लाडी नाम के युवक से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शुरुआती दो साल तक वैवाहिक जीवन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद लाडी चिट्टे की गिरफ्त में आ गया। नशे की लत इतनी बढ़ी कि वह न तो कोई काम करता था और न ही घर का खर्च चलाता था। उल्टा पत्नी को रोज मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना देने लगा।
पीड़िता एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट है और पूरे घर का खर्च अकेले उठा रही थी। पति और ससुराल वाले उसके ऑफिस तक पहुंचकर उसे अपमान करते और काम करने नहीं देते थे। स्थिति यहां तक बिगड़ी कि पति उसे गंदे धंधे में धकेलने की कोशिश करने लगा। मना करने पर मारपीट करता और जान से मारने की धमकियां देता। कई बार ओवरडोज देकर उसकी जान लेने की कोशिश भी की गई।
2 दिसंबर को फिर पति और उसके परिजनों ने मिलकर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद पति कंपनी पहुंचा और वहां भी धमकाने लगा। लगातार यातनाओं से तंग आकर युवती ने परिजनों को मैसेज किया कि वह अपनी जान दे देगी। मैसेज मिलते ही परिवार रोपड़ नहर की ओर दौड़ा। तब तक युवती नहर में कूद चुकी थी।
पिता ने बताया, “कोई नहर में कूदने की हिम्मत नहीं कर रहा था। मैंने खुद जान पर खेलकर छलांग लगाई और बेटी को बाहर निकाला।” काफी देर तक नहर में तलाश के बाद उसे बेहोशी की हालत में निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों ने लाडी और उसके परिवार के खिलाफ जोघो पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी है। आरोप है कि लाडी न सिर्फ खुद चिट्टा करता है, बल्कि नशा तस्करी के धंधे में भी शामिल है। पुलिस ने घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने और नशा तस्करी से जुड़े विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल में चिट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। शिमला, सोलन, कांगड़ा सहित कई जिलों में युवा इसकी जिंदगी तबाह हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
