शिमला, 21 दिसंबर 2025: दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हिमाचल प्रदेश का मौसम विचित्र करवट ले रहा है। पहाड़ी राजधानी शिमला का तापमान मैदानी जिलों जैसे ऊना से भी अधिक दर्ज किया जा रहा है। चाहे न्यूनतम तापमान हो या अधिकतम, शिमला का पारा ऊना को पीछे छोड़ रहा है। शनिवार को सोलन में अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि शिमला में 17 डिग्री और ऊना में मात्र 11.4 डिग्री दर्ज हुआ। रात्रि तापमान में भी शिमला राज्य में सबसे गर्म रहा।
वीकेंड पर शिमला, कुफरी और मनाली में बादल छाए रहे, जबकि ऊंची हिमालयी चोटियों पर हल्के बर्फ के फाहे गिरे। निचले इलाकों में धूप और कोहरे की आंख-मिचौली जारी रही। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हिमपात हुआ, वहीं मैदानी जिलों में घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बिलासपुर में दृश्यता मात्र 50 मीटर तक सिमट गई, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने 22, 23 और 24 दिसंबर को भाखड़ा डैम क्षेत्र और बल्ह घाटी में घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया है।
शनिवार को दर्ज न्यूनतम तापमान: शिमला 11.8, कुफरी 10.2, मनाली 5.4, धर्मशाला 7.8, सोलन 4.0, पालमपुर 5.5, कांगड़ा 6.0, मंडी 5.9, हमीरपुर-ऊना 5.5, बिलासपुर 7.5, नाहन 9.4 और कसौली 11.7 डिग्री सेल्सियस। जनजातीय क्षेत्रों में कड़ाकी की ठंड जारी है, जहां कुकुमसेरी में -5.7 और ताबो में -2.9 डिग्री दर्ज हुआ। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री का उछाल आया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले 24 घंटों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। इसके बाद 22 से 26 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा। हालांकि 25 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन बड़ा बदलाव नहीं आएगा। क्रिसमस पर शिमला-मनाली में बर्फबारी की संभावना नहीं है, जिससे बर्फ देखने की आस लगाए पर्यटक मायूस हैं।
लंबे सूखे के कारण प्रदेश में हालात चिंताजनक हैं। दिसंबर में अब तक एक बूंद बारिश नहीं हुई, वर्षा सामान्य से 100% कम है। इसका असर फसलों और बागवानी पर पड़ रहा है। निचले जिलों में गेहूं की बुवाई रुकी हुई है, किसान परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द बारिश-बर्फबारी न हुई तो रबी सीजन प्रभावित होगा।
क्रिसमस नजदीक आने के साथ शिमला पहुंच रहे पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। सभी ट्रेनें पैक हैं, होटलों की ऑक्यूपेंसी बढ़ गई है। होटल कारोबारी उम्मीद लगाए हैं कि बर्फबारी हुई तो 100% बुकिंग हो जाएगी, लेकिन मौसम पूर्वानुमान से निराशा है। ठंड के बावजूद पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल जारी है।
