August 15, 2026
Baijnath

जगी उम्मीदों की लौ: बड़ा भंगाल के बाशिंदों के लिए किसी सौगात से कम नहीं रहा सीएम का प्रवास

“दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना हमारा लक्ष्य, मैं यहाँ राजनीति करने नहीं, बल्कि दुख-दर्द बांटने आया हूँ” — मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

बैजनाथ, 29 जून।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का अति-दुर्गम क्षेत्र ‘बड़ा भंगाल’ का ऐतिहासिक प्रवास स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में विकास की एक नई किरण लेकर आया है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के संकल्प के साथ पहुंचे मुख्यमंत्री के इस दौरे से बड़ा भंगाल वासियों के चेहरों पर बरसों बाद मुस्कान लौटी है।

रात गुजारने वाले पहले मुख्यमंत्री बने सुक्खू, ग्रामीणों में भारी उत्साह

स्थानीय निवासियों के लिए यह दौरा किसी बड़े अचरज और सौगात से कम नहीं था। स्थानीय ग्रामीण रिशू राम ने बेहद भावुक होते हुए कहा, “आज तक प्रदेश का कोई भी मुख्यमंत्री हमारे यहाँ रात रुकने नहीं आया। सुक्खू जी पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो हमारे बीच रुके हैं। अब हमें पूरा विश्वास है कि हमारी दशकों पुरानी समस्याओं का निराकरण होगा।”

वहीं, बुजुर्ग महिला कमलो देवी और संतोष कुमारी ने मुख्यमंत्री के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं चलकर उनकी सुध ली है और मौके पर ही अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के कड़े निर्देश दिए हैं।

व्यवस्था परिवर्तन: कागजों से निकलकर धरातल पर उतरी पहल

बड़ा भंगाल की कठिन पगडंडियों पर चलते हुए जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ग्रामीणों के बीच पहुंचे, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “मैं यहाँ राजनीति करने नहीं, बल्कि आपका दुख-दर्द बांटने आया हूँ।”

मुख्यमंत्री का यह कदम उनके ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को धरातल पर सच साबित करता है। गौरतलब है कि बड़ा भंगाल से पहले भी मुख्यमंत्री डोडरा-क्वार, कुपवी, कुल्लू के बागा सराहन और बंजार के सरची जैसे अति-कठिन इलाकों में रात गुजारकर जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा बड़ा भंगाल के लिए की गई बड़ी घोषणाएं:

प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के कायाकल्प के लिए विकास कार्यों की झड़ी लगा दी, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • सड़क और बुनियादी ढांचा: क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹10 करोड़ की भारी-भरकम राशि की घोषणा।
  • विद्युत आपूर्ति: बिजली की समस्या को दूर करने के लिए तुरंत दो डीजल जनरेटर उपलब्ध करवाने के निर्देश।
  • शिक्षा और यातायात: बच्चों के शैक्षणिक सत्र की समाप्ति के बाद उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हेली टैक्सी की सुविधा और बीड़ में बड़ा भंगाल के छात्रों के लिए हॉस्टल (छात्रावास) बनाने का आश्वासन।
  • आर्थिक और जनजातीय विकास: क्षेत्र को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा।
  • महिला व युवा सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए ₹1500 की मासिक सम्मान राशि, प्रत्येक महिला मंडल को दो-दो लाख रुपये और स्थानीय युवक मंडल के लिए ₹1 लाख देने की घोषणा।
  • कृषि और पर्यटन को बढ़ावा: बड़ा भंगाल के प्रसिद्ध राजमाह की ब्रांडिंग करने तथा इस प्राकृतिक गाँव को ‘इको-टूरिज्म’ के नक्शे पर लाने के लिए दो हेक्टेयर भूमि चिह्नित करने के निर्देश।

मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक दौरे ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान सरकार के लिए प्रदेश के सुदूर और कठिन क्षेत्रों में रहने वाला हर एक नागरिक समान अहमियत रखता है और विकास की दौड़ में कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।

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