August 15, 2026
Shimla

Jila Parishad, BDC :16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल में बड़ा बदलाव: जिला परिषद और BDC सदस्य अब छोटे ग्रामीण कार्यों पर नहीं खर्च कर सकेंगे फंड

शिमला:

केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश की जिला परिषदों और पंचायत समितियों (BDC) को मिलने वाली अनुदान राशि के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब ये संस्थाएं अपने बजट का उपयोग स्ट्रीट लाइट, बेंच, टाइलें लगाने या संपर्क मार्गों की छोटी मरम्मत जैसे स्थानीय स्तर के छोटे कार्यों पर नहीं कर पाएंगी।

केंद्र सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि इस राशि का उपयोग किसी एक गांव या वार्ड के बजाय पूरे विकास खंड (ब्लॉक) या जिले के बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाने के लिए किया जाए। यदि किसी निकाय ने इन नियमों का उल्लंघन कर पंचायतों द्वारा किए जाने वाले छोटे कार्यों पर पैसा खर्च किया, तो उसका अनुदान रोका भी जा सकता है


📋 अब किन बड़े कार्यों पर खर्च होगा बजट?

नए दिशा-निर्देशों के तहत वित्त आयोग के फंड का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना है। अब बजट केवल निम्नलिखित व्यापक क्षेत्रों पर खर्च किया जा सकेगा:

  • पेयजल और स्वच्छता परियोजनाएं
  • ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Solid & Liquid Waste Management)
  • बड़े जल संरक्षण कार्य और जल स्रोतों का विकास
  • सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण और सार्वजनिक संस्थानों का उन्नयन
  • बहु-ग्रामीण (Multi-village) लाभ वाली बड़ी परियोजनाएं

क्या बदलेगा?

अब तक जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य जिन कार्यों (नालियां, रेलिंग, बेंच, सामुदायिक भवनों की मरम्मत) पर पैसा खर्च करते थे, वे कार्य अब सीधे ग्राम पंचायत स्तर या अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से किए जाएंगे। इससे सार्वजनिक धन के दोहरे व्यय (Double Expenditure) पर रोक लगेगी।


📊 15वें वित्त आयोग का लेखा-जोखा (हिमाचल प्रदेश)

वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान हिमाचल के ग्रामीण स्थानीय निकायों को कुल 3,280 करोड़ रुपये का अनुदान मिला था। यह राशि आबादी और क्षेत्रफल के मानकों के आधार पर टाइड (बंधित) और अनटाइड (अबंधित) फंड के रूप में दी गई थी।

वर्षवार प्राप्त राशि का विवरण:

वित्त वर्षअनुदान राशि (करोड़ रुपये में)
2021-22₹620
2022-23₹640
2023-24₹660
2024-25₹670
2025-26₹690
कुल योग₹3,280 करोड़

त्रिस्तरीय पंचायती राज में राशि का वितरण:

हिमाचल सरकार के मौजूदा फॉर्मूले के अनुसार, प्राप्त होने वाले कुल फंड को तीन स्तरों पर इस प्रकार विभाजित किया जाता है:

  • ग्राम पंचायतें: 70% से 75% हिस्सा
  • पंचायत समितियां (BDC): 15% से 18% हिस्सा
  • जिला परिषदें: 10% से 12% हिस्सा

अधिकारियों का मानना है कि 16वें वित्त आयोग के इन नए और सख्त नियमों से विकास कार्यों का दायरा बढ़ेगा और जिला स्तर पर अधिक प्रभावी व बड़े बुनियादी ढांचे का निर्माण हो सकेगा।

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