बैजनाथ 1जुलाई 2024
बैजनाथ से गुजरने वाली सिंचाई कूहलें अवैध कब्जा धारकों की भेंट चढ़ने लगी है। इतना ही नहीं क्षेत्र के लोग घरों के कूड़े कचरे को भी इन्हीं कूहलों में फेंक रहे हैं। इस वजह से न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है बल्कि कूहलों का पानी भी प्रदूषित हो रहा है जिस वजह से आने वाले समय में महामारी भी फैल सकती है। जानकारी के मुताबिक बैजनाथ से होकर गुजरने वाली लोअर बैजनाथ कूहल कुंसल, गणखेतर, शीतला चौक,चोबू, चोबीन और चरणामती कूहल बिनवा खड्ड,महालपट्ट और धानग तक सैकड़ो एकड़ भूमि को सिंचित करती है। मगर वर्तमान में इन कूहलों की हालत बेहद ही खस्ता है। जगह-जगह गंदगी अटी पड़ी है और उनके मुहाने कई जगह बंद हो चुके हैं। कमोवेश पपरोला की जड़ुल और चलोटी कूहलों की भी यही हालत बनी हुई है। कई जगह पर तो सर्माएदार और प्रभावशाली लोगों ने इन कूहलों पर कब्जा कर रखा है। कुछ लोगों ने तो अपने घरों की सीवरेज और रसोई की पाइपें इनमें डाल रखी हैं। राजस्व रिकॉर्ड में इनकी चौड़ाई 3 से 4 मीटर तक है मगर धरातल पर कहीं-कहीं 1 मीटर से भी कम है। बैजनाथ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग इन कूहलों को कूड़े कचरे की डंपिंग साइट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। जिस वजह से सारा कूड़ा कचरा किसानों के खेतों में पहुंच रहा है। हालात इसी तरह से बने रहे तो आने वाले समय में महामारी तक भी फैल सकती है। उधर जल शक्ति विभाग के एसडीओ शरती शर्मा ने माना कि लोगों ने विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली कहलों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। लोग रात के अंधेरे में घरों का कचरा भी इन्हीं कूहलों में फेंक रहे हैं। इस बारे जल्द ही अवैध कब्जा धारकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जो कोई भी इनमें कचरा फेंकता हुआ दिखाई दिया तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
