नगर निगम धर्मशाला के खनियारा वार्ड में कंकरीट रोड़ पर तारकोल बिछाने पर लोगों में रोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि कंकरीट रोड़ ठीक था, फिर न जाने क्यों विभाग ने इस पर तारकोल बिछा दिया। लोगों की मानें तो कंकरीट रोड़ 20 से 25 साल तक सही रहता है, जबकि विभाग द्वारा डाली जाने वाली तारकोल बरसात में खराब हो जाती है, ऐसे में बरसात में यदि तारकोल उखड़ता है तो निश्चित तौर पर वाहन चालकों समेत पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही तारकोल डालने से सीवरेज के ढक्कन भी बंद हो गए हैं, ऐसे में ब्लाकेज होने पर फिर से तारकोल उखाडऩा पड़ेगा। उधर विभाग का दावा है कि तारकोल डालने से कंकरीट रोड़ की लाइफ बढ़ जाती है। वैसे भी कंकरीट रोड़ पर वाहनों की आवाज ज्यादा होती है और टायर भी ज्यादा घिसते हैं, ऐसे में लोगों को आरामदायक सफर मिले, उसी को ध्यान में रखकर कंकरीट पर तारकोल डाला गया है।
दो माह में उखड़ जाएगी तारकोल : मनु रस्तोगी
मनु रस्तोगी खनियारा निवासी का कहना है कि कंकरीट सड़क मार्ग पर तारकोल बिछाया जा रहा है। सीवरेज के ढक्कनों को तारकोल से बंद कर दिया गया है, बरसात आएगी तो ब्लाकेज होगी तो फिर से तारकोल उखाडऩी पड़ेगी। कंकरीट का रोड़ था, अब जो तारकोल डाली है, लगता है कि दो माह में यह तारकोल उखड़ जाएगी।
बरसात भी नहीं झेल पाएगी तारकोल : वालिया
खनियारा के दुकानदार सुरेंद्र कुमार वालिया का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व सड़क की हालत खराब थी, उस समय यहां कंकरीट डाला गया था। अब कंकरीट मार्ग पर तारकोल बिछाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है। रोड़ बढिय़ा था, लेकिन अब तो तारकोल डाली है, वो इस वर्ष बरसात भी नहीं झेल पाएगी।
धर्मशाला शहर में कुछ जगहों पर कंकरीट सड़क पर तारकोल बिछाने के संबंध में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से बात हुई है। जिन्होंने बताया कि कंकरीट मार्ग उखड़ जाता है, लेकिन तारकोल डालने से मार्ग अच्छा हो जाता है। खनियारा में 10 साल पहले सड़क मार्ग पर कंकरीट डाला गया था और रोड़ अच्छा था।
ओंकार नैहरिया, मेयर, नगर निगम धर्मशाला
