राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोले कुलपति प्रो. बंसल
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग
की ओर से सप्त सिंधु परिसर, देहरा में ‘’5 अगस्त 2019 से पहले और बाद में जम्मू और कश्मीर: एक अन्वेषण’’
विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को आईसीएसएसआर उत्तर
पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र, चंडीगढ़ से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सेमिनार का प्राथमिक उद्देश्य शोधकर्ताओं को
अनुच्छेद 370 संशोधन के परिणामों और इस महत्वपूर्ण घटना के परिणामस्वरूप उभरे अवसरों और चुनौतियों
पर विचार करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।
संगोष्ठी का उद्घाटन कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल जी ने किया और मुख्य वक्ता के रूप में आशुतोष भटनागर
मौजूद रहे। अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रो. एस.पी. बंसल ने इस उल्लेखनीय बौद्धिक सभा के आयोजन के लिए
आयोजकों की सराहना की और भारत पर केंद्रित अनुसंधान के लिए हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की
प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने यह भी साझा किया कि आगामी दिनों के लिए कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और
अनुसंधान कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय का कश्मीर अध्ययन केंद्र
और जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, नई दिल्ली जल्द ही जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के विषय पर अनुसंधान
संबंधी गतिविधियों के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे । विश्वविद्यालय
अनुसंधान में भारत केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि
विश्वविद्यालय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से कई कार्यक्रम आयोजित करेगा।
