पधर
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक बुधवार को पंचायत समिति सभागार में एसडीएम सुरजीत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें समिति के सभी सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज करवाई।
एसडीएम सुरजीत सिंह ठाकुर ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जानकारी देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से लोगों को जागरूक करने और ऐसे मामलों की निगरानी रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों के साथ कोई भेदभाव या अत्याचार आदि का मामला हो तो समिति के ध्यानार्थ लाया जा सकता है।
कहा कि उपमंडल पधर में 1जनवरी 2023 से अभी तक एक मामला एट्रोसिटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। जो न्यायलय में विचाराधीन है। तहसील कल्याण विभाग द्वारा पीड़ित पक्ष को साठ हजार रुपये मुआवजा राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने प्रतिनिधियों से यह भी आह्वान किया कि अधिनियम के अंतर्गत किसी भी तरह का दुरुपयोग ना हो। इसके लिए निष्पक्ष रूप से निगरानी की जाए।
इस दौरान डीएसपी संजीव सूद ने उपस्थित समिति सदस्यों को अधिनियम बारे विस्तार से जागरूक किया।
तहसील कल्याण अधिकारी चंदन वीर सिंह ने अधिनियम के अंतर्गत पीड़ित पक्ष को मिलने वाली सहायता राशि बारे विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 के तहत विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में खंड विकास कार्यलय के एसईवीपीओ बलदेव ठाकुर, पंचायत समिति उपाध्यक्ष कृष्ण भोज, समिति सदस्य एडवोकेट वीणा भारद्वाज, ग्राम पंचायत चुक्कू के प्रधान मनसा राम यादव, कुफरी के प्रधान संजय कुमार, धमच्याण पंचायत प्रधान कलि राम, खलैहल पंचायत प्रधान भागमल, कुन्नू की प्रधान पमिंद्रा देवी, सर्व कार्यकर्ता प्रेम सिंह, महिला मंडल डलाह प्रधान कुसुमा और भड़वाहण महिला मंडल प्रधान कांता देवी आदि समिति सदस्य मौजूद रहे।
