15जनवरी
पधर(मंडी)। द्रंग के पूर्व विधायक एवं समाजसेवी गौतम दीनानाथ शास्त्री का सोमवार देर शाम को ह्रदयघात से आकस्मिक निधन हो गया। वे लगभग 84 वर्ष के थे। सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जोनल अस्पताल मंडी लाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
दीनानाथ शास्त्री का जन्म 28 सितंबर 1939 द्रंग के भटवाड़ी गांव में हुआ। दीनानाथ शास्त्री शिक्षक आंदोलन के नेता रहे। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उन्होंने समय समय पर अपनी प्रखर आवाज बुलंद की। 1990 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर को हराकर विधानसभा की दहलीज में कदम रखा। जहां प्रखर वक्ता शैली से एक अलग नई पहचान बनाई।
शुरू में जनसंघ से जुड़े शास्त्री भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय नेता रहे। 1977 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। उसके बाद 1982 और 1987 में भी चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव जीत नही पाए। 1990 में पहली बार चुनाव जीत कर विधायक बने।
उनके आकस्मिक निधन पर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर, विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बामन देव ठाकुर, पंचायत समिति द्रंग की अध्यक्षा शीला ठाकुर, उपाध्यक्ष कृष्ण भोज, भाजपा मंडल अध्यक्ष मेहर चंद भारती, जिला कांग्रेस महासचिव जोगेंद्र गुलेरिया सहित अन्यों ने शोक जताते हुए संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
फ़ाइल फोटो: शास्त्री दीनानाथ गौतम
