24 अगस्त 2024 बैजनाथ ( साभार पंजाब केसरी विकास बाबा )
कांगड़ा की दुर्गम घाटी बड़ा भंगाल की दिक्कतों और दुश्वारियां को देखते हुए कई अधिकारियों ने संजीदगी तो दिखाई ही इसके साथ-साथ उन्होंने बाकायदा स्वयं घाटी का दौरा कर लोगों की समस्याओं को करीब से जाना और उनका निराकरण करने का प्रयास भी किया। पूर्व में जिला कांगड़ा रहे आईएएस अधिकारी संदीप कुमार, आईएएस अधिकारी सुभाशीष पांडा, ऋग्वेद ठाकुर, एचएएस स्नेह प्रकाश रोल्टा, एचएएस कमलकांत सरोच, एचएएस सलीम आजम और लोक निर्माण विभाग भरमौर के एसडीओ विशाल चौधरी सर्रीखे अधिकारियों ने समय-समय पर घाटी का दौरा किया है। वर्ष 2004 में जब घाटी में भारी बरसात की वजह से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी। इस वजह से रास्ते के अधिकांश पुल और रास्ते टूट गए थे। बैजनाथ के तत्कालीन एसडीएम रहे संदीप कुमार ने स्वयं द्वारा करके बड़ा भंगाल पहुंचने वाले तमाम पुलों और रास्तों को ठीक करवाया था। इतना ही नहीं वहां तक सरकार द्वारा पहुंचाई जाने वाली खाद्य सामग्री की भी मॉनिटरिंग की थी। एडीएम कांगड़ा बने तो 2008 में घाटी में मवेशियों में पाई जाने वाली मुंहखुर बीमारी के इलाज के लिए पशुपालन विभाग की टीम के साथ वहां गए और इलाज करवा कर दवाइयां भी बांटी थी। अपने जिलाधीश कांगड़ा के कार्यकाल के दौरान संदीप कुमार ने 2018 में घाटी का फिर से दौरा किया था। उस समय प्रशासन आपके द्वारा का कार्यक्रम इन्हीं महोदय द्वारा किया गया था।22kgr1bawa बैजनाथ के एसडीएम रहे सलीम आजम ने तो वर्ष 2021 में उपमंडल स्तरीय स्वाधीनता दिवस भी 15 अगस्त को बड़ा बंगाल में मनाया था। उस समय वे 40 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को लेकर घाटी में गए थे। इनमें सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों को शामिल किया था ताकि ग्रामीणों की अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा सके। तत्कालीन जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल के निर्देशों पर उसे समय 10 लाख रुपए की सोलर लाइट और 5 लाख रास्ते के निर्माण के लिए दिए थे। सलीम के प्रयासों से ही आज घाटी के प्रत्येक घर को सोलर पैनल के जरिए बिजली उपलब्ध करवाई गई है। सलीम आजम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां की बात कार्यक्रम के लिए भी नामित किया गया था। 22kgr2bawa लोक निर्माण विभाग उपमंडल भरमौर के एसडीओ विशाल चौधरी ने 2023 में सड़क निर्माण के सिलसिले में होली के कनिष्ठ अभियंता हेमराज के साथ बड़ा भंगाल और होली उतराला मार्ग का का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित सड़क की एलाइनमेंट और डीपीआर के संबंध में जमीनी स्तर पर कार्य किया। नतीजा यह हुआ कि नया ग्रां से लेकर धारड़ी ढांक तक 9 किलोमीटर सड़क मार्ग बन चुका है जिसमें ग्रगू नाला पर एक पुल का निर्माण किया गया है। विशाल चौधरी बताते हैं कि धारड़ी से आगे के निर्माण में कोई दिक्कत इसलिए नहीं आएगी क्योंकि खतरनाक चट्टानी जगह पर सड़क निर्माण हो चुका है और इसके आगे नरम जमीन है इसलिए जल्द ही सड़क मार्ग मुकम्मल होने की आशा है। सरकार और विभाग का पूरा सहयोग मिल रहा है उम्मीद है 2 वर्षों में यह सड़क मार्ग बन जाएगा। बकौल विशाल चौधरी दुर्गम क्षेत्रों में काम करके उन्हें काफी संतुष्टि मिली है लिहाजा उन्होंने प्रदेश सरकार से अगली पोस्टिंग लाहौल स्पीति के केलांग में पोस्टिंग की स्वेच्छा जाहिर की है। 22kgr3bawa बड़ा बंगाल में मनाए जाने वाले आजादी मेले की कहानी बड़ी रोचक है। वर्ष 1982 में पूर्व अध्यापक परसराम उस समय लोहारड़ी स्कूल में तैनात थे। उस समय वे 70 किलोमीटर पैदल चलकर घाटी पहुंचे थे। और बाकायदा तिरंगा लहराकर राष्ट्रगीत भी वहां के लोगों को सुनाया था। तब से लेकर आज दिन तक इस मेले को आजादी मेले के तौर पर मनाया जाता है। बातचीत में परसराम ने बताया कि क्योंकि इस घाटी के लोग हिंदुस्तान की हर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल हैं। तब से लेकर आज तक पारंपरिक उत्सव के तौर पर मनाया जाता है जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में नाटियों से समूची घाटी गुंजायमान हो जाती।22kgr4bawa जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता इंजीनियर राहुल धीमान ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत घाटी के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 43 लख रुपए की योजना 1 वर्ष के भीतर मुकम्मल हो जाएगी। योजना के मुताबिक स्प्रिंग सोर्स से पानी को 30000 लीटर क्षमता के निर्माणाधीन टैंक में डाला जाएगा। पर्याप्त वैज्ञानिक ट्रीटमेंट के बाद इस पानी को पाइपों के जरिए लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। इस योजना में कल 70 घरों मैं पानी में नल के लगाए जाएंगे। 25 साल पहले यहां पत्थरों का टैंक बनाया गया था जो अब कंडम हो चुका है। क्योंकि क्षेत्र में भारी बर्फबारी होती है इसलिए पीपीआर पाइपें लगाई जाएगीं जो कि बर्फबारी में फटती नहीं है और न ही इन पाइपों में पानी जमता है।22kgr5bawa
