April 15, 2026
Baijnath

बड़ा भंगाल में भेड़पालकों की बदहाली: राशन खत्म, रास्ते बंद, सैकड़ों मवेशी फँसे

बैजनाथ, 14 सितंबर : जिला कांगड़ा की दुर्गम घाटी बड़ा भंगाल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं। इससे हजारों भेड़-बकरियों और पशुधन सहित करीब 100 भेड़पालक थमसर, कालिहनी, दमाण झोड़ी, सुखा नाला, डोड़ी नाला और बड़ा भंगाल क्षेत्र में फंस चुके हैं। इन भेड़पालकों के पास राशन और चारा खत्म हो चुका है, जिससे उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

बीते दिनों प्रशासन ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से घाटी में राशन सामग्री भेजी थी, लेकिन यह केवल स्थानीय ग्रामीणों तक ही सीमित रही। भेड़पालकों तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई। जिला प्रशासन ने प्लाचक से थमसर तक वैकल्पिक रास्ता खोलने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, लेकिन भेड़पालक परंपरागत दमाण-डोड़ी नाला मार्ग को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सदियों से उनके पूर्वज इसी रास्ते का उपयोग करते आए हैं, जबकि प्रशासन द्वारा चुना गया वैकल्पिक मार्ग खतरनाक है।

भेड़पालक ब्रह्म दास और दान सिंह ने बताया, “ऊपरी क्षेत्र की इन चारागाहों में हजारों भेड़-बकरियां और 100 से अधिक भेड़पालक फंसे हैं। राशन और चारा खत्म हो चुका है। वैकल्पिक रास्ता खड़ी ढलानों और गहरी खाइयों से भरा है, जहां से पशुधन के साथ लौटना नामुमकिन है। यह रास्ता न केवल जोखिम भरा है, बल्कि समय भी अधिक लगेगा।” उन्होंने 50 साल से अधिक समय से इन चारागाहों का उपयोग करने का अनुभव साझा किया और कहा कि 1995 के बाद पहली बार इतनी भयानक तबाही देखने को मिली है।

परंपरागत रास्तों को प्राथमिकता दें: वूल फेडरेशन

वूल फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष त्रिलोक कपूर ने इस मामले में राज्य सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “सरकार भेड़ और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े ऐलान करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर रास्ते तक दुरुस्त नहीं हो पा रहे। भेड़पालकों तक तुरंत राहत सामग्री पहुंचानी चाहिए और परंपरागत रास्तों को खोलने के लिए तत्काल प्रयास किए जाएं।” कपूर ने हैरानी जताई कि एक ओर सरकारी मंचों पर घोषणाएं हो रही हैं, वहीं भेड़पालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

रास्ते में पेड़ गिरे, चट्टानें खिसकीं

झोड़ी और दयोड़ी के बीच मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल है। जगह-जगह वन विभाग के पेड़ गिरे हुए हैं और चट्टानों के खिसकने से रास्ता ध्वस्त हो चुका है। वन मंडल अधिकारी पालमपुर डॉ. संजीव शर्मा ने बताया, “रास्ते में पेड़ गिरने की सूचना मिली है। विभाग की टीम तुरंत पेड़ हटाने के लिए रवाना कर दी गई है।”

प्रशासन का दावा: एक-दो दिन में खुलेगा रास्ता

एसडीएम संकल्प गौतम ने कहा, “मार्ग ठीक करने के लिए टीम रवाना कर दी गई है। एक-दो दिनों में रास्ता बहाल हो जाएगा। यदि भेड़पालकों का राशन खत्म हो गया है, तो वे बड़ा भंगाल के सरकारी स्टोर से खाद्य सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।” हालांकि, भेड़पालकों ने बताया कि दुर्गम इलाके में स्टोर तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण है।

यह घटना बड़ा भंगाल क्षेत्र की पुरानी समस्या को उजागर करती है, जहां सड़क सुविधा की कमी के कारण ग्रामीण और पशुपालक हमेशा संकट का सामना करते हैं। प्रशासन से अपील की जा रही है कि लंबे समाधान के रूप में स्थायी सड़क निर्माण पर ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी विपत्तियां दोहराई न जाएं।

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