25 मई 2024 साभार पंजाब केसरी (विकास बावा)
उपमंडल बैजनाथ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-ब-दिन बढ़ रहे रिहायशी और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से इन क्षेत्रों की सुंदरता पर ग्रहण लगने लगा है। हालात इस कदर खराब है कि तमाम नदी नालों के ऊपर भी अब भवनों का निर्माण बदस्तूर जारी है। हालांकि इनमें से कई क्षेत्र ऐसे हैं जो सीधे तौर पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधीन आते हैं यानि कि यहां बिना नक्शा पास किया किसी भी भवन का निर्माण नहीं किया जा सकता है, मगर तमाम सरकारी आदेशों को धक्का बताते हुए इस तरह के कई ऐसे निर्माण किया जा रहे हैं जो आने वाले समय में खतरा बन सकते हैं। बैजनाथ के बीड़ की बात करें तो यहां का अधिकांश एरिया स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी(साडा) के अधीन आता है जिसमें बिना मंजूरी पास किया किसी को भी भवन निर्माण की इजाजत नहीं है। साडा की तरफ से यहां बाकायदा पर्यवेक्षक की तैनाती भी की गई है। लेकिन यहां भी दिन-ब-दिन बढ़ते निर्माण के अलावा नदी नालों के किनारे भी इस तरह के अवैध निर्माण हो रहे हैं जो की आने वाले समय में जान माल का भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी तरह के हालात अन्य नदी नालों के भी हैं। बीते वर्ष बाढ़ त्रासदी का तांडव भूल चुके इन अधिकारियों को इस मर्ज का दर्द तब मालूम होगा जब पुनः बाढ़ आएगी और इलाके को तहस-नहस कर देगी। कृपया बॉक्स लगाए क्या: उधर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के पालमपुर स्थित सहायक नगर योजनाकार निशांत शर्मा का कहना है कि किसी को भी नदी नालों के किनारे या इनके ऊपर किसी तरह के निर्माण की इजाजत नहीं दी गई है। हालांकि जो विभाग के ध्यान में मामले आए हैं उन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। मैं शीघ्र स्वयं मौके का दौरा करूंगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
