मंडी जिला में कई ऐसी दुर्गम इलाके हैं, जहां ढेर सारे घने देवदार के जंगल पाए जाते हैं. इन जगहों पर बर्फ और ठंड भी बहुत होती है. यहां कई खूंखार जानवर भी पाए जाते हैं, जिसमें सबसे अधिक खूंखार जानवर तेंदुआ भी मौजूद है. कई बार तेंदुएं इंसानी बस्तियों में आ जाते हैं, जिससे
मंडी के ज्वालापुर और सनोर घाटी में तेंदुए की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीण लोग दहशत भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं. पहाड़ी तेंदुए की दहाड़ से यहां के लोग डर से कांप उठे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ समय से लगातार तेंदुआ शाम और रात के समय इंसानों की बस्ती में पहुंच जाता है और बेख़ौफ होकर पालतू जानवरों का शिकार कर लेता है.
अब तक कई जानवरों को खा चुका है तेंदुआ
तेंदुए को स्थानीय भाषा में पहाड़ी भूत भी कहा जाता है. यह बहुत खतरनाक जानवर है जो इंसानों को भी मार डालता है. अब तक इस इलाके में कई लोगों की भेड़ बकरिया और पालतू कुत्तों को तेंदुआ अपना निवाला बना चुके हैं.
तेंदुएं से परेशान ग्रामीण
इससे ग्रामीण लोग बहुत परेशान हो चुके हैं. खास कर शाम के समय लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है. साथ ही बच्चों को भी बाहर खुले में खेलने से वंचित होना पड़ रहा है. क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग एवं प्रशाशन से मांग की है कि तेंदुएं को जल्दी पकड़ा जाए.
क्या बोले वन अधिकारी ?
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह एक बेहद शर्मिला जानवर है, जो आम तौर पर इंसानों की बस्ती से दूर रहता है. सर्दियों के मौसम में तेंदुएं को खाना या शिकार नहीं मिलता तो इन्हें मजबूर होकर इंसानों की बस्ती का रुख करना पड़ता हैं. मंडी में वन विभाग केडीएफओ वासु डोगर के अनुसार वन विभाग इस तेंदुए की ट्रेसिंग कर रहा है और जल्द इसे पकड़ लिया जाएगा. वन विभाग द्वारा लोगों को शाम के समय आतिशबाजी करने को भी कहा गया है क्योंकि शोर से भी यह जानवर आस पास नहीं आता.
