बैजनाथ, 23 जुलाई (वीर खड़का)।
उपमंडल बैजनाथ के ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ और महाकाल मंदिर में आगामी 30 जुलाई 2026 से श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से दर्शन, पूजा-अर्चना और ऑनलाइन चढ़ावा अर्पित करने की सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा जिला प्रशासन कांगड़ा की पहल पर श्री मंदिर ऐप के माध्यम से शुरू की जा रही है।
उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) संकल्प गौतम ने बताया कि श्री मंदिर ऐप देश के प्रमुख डिजिटल धार्मिक प्लेटफॉर्मों में शामिल है, जिसके जरिए देश के कई प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन, पूजा-अर्चना और चढ़ावा अर्पित करने की सुविधा पहले से उपलब्ध है। इस प्लेटफॉर्म से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु घर बैठे अधिकृत रूप से शिव मंदिर बैजनाथ और महाकाल मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे, पूजा करवा सकेंगे तथा ऑनलाइन चढ़ावा भी अर्पित कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, प्रवासी भारतीयों और किसी कारणवश मंदिर तक नहीं पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि डिजिटल माध्यम से प्राप्त होने वाले चढ़ावे और धार्मिक सेवाओं से मंदिरों की आय में भी वृद्धि होगी। इससे मंदिरों के रखरखाव, संरक्षण और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे धार्मिक धरोहरों के संरक्षण को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने इस पहल के लिए उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और उपमंडल प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पहली बार बैजनाथ उपमंडल में श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से दर्शन और पूजा-अर्चना की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर, कांगड़ा और श्री चामुंडा देवी मंदिर में यह सुविधा सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। अब शिव मंदिर बैजनाथ और महाकाल मंदिर के जुड़ने से अधिक संख्या में श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से धार्मिक सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
