पिछले हफ्ते सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों की नजर सितंबर के बाजार पर, अमेरिका के रोजगार आंकड़ों से लेकर फेड और डॉलर तक अहम
नई दिल्ली। पिछले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोना करीब 3.8 फीसदी, जबकि चांदी लगभग 4 फीसदी कमजोर हुई। अब सितंबर की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं की चाल कैसी रहेगी, इस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर कई वैश्विक कारकों का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में हालिया गिरावट के बाद जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार के प्रमुख संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा।
1. अमेरिका के रोजगार आंकड़े सबसे अहम
अमेरिका से इस सप्ताह रोजगार और बेरोजगारी से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने हैं। इन आंकड़ों का असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है।
अगर अमेरिकी रोजगार बाजार मजबूत रहता है, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती को लेकर जल्दबाजी नहीं कर सकता। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत होने की संभावना बढ़ सकती है और सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
वहीं, अगर रोजगार के आंकड़े कमजोर आते हैं, तो बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में सोने को दोबारा मजबूती मिल सकती है।
2. फेडरल रिजर्व का रुख तय करेगा अगली दिशा
सोने की कीमतों के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति हमेशा एक महत्वपूर्ण फैक्टर रही है। हालिया फेड संकेतों के बाद बाजार में सोने की बिकवाली देखने को मिली।
आमतौर पर ब्याज दरें ऊंची रहने पर निवेशकों को बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक लगते हैं। इससे सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
इसके उलट, अगर फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने में निवेश बढ़ सकता है और कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
3. ईरान-होर्मुज तनाव पर भी रहेगी नजर
मध्य पूर्व में ईरान और होर्मुज से जुड़ा भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। तनाव बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है।
महंगा तेल महंगाई को बढ़ा सकता है, जिससे अमेरिकी फेड की अगली रणनीति को लेकर बाजार में नए अनुमान लग सकते हैं। दूसरी ओर, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं।
इसलिए इस मोर्चे पर आने वाली खबरों का सोने की कीमत पर सीधा और अप्रत्यक्ष, दोनों तरह का असर पड़ सकता है।
4. चांदी ने अगस्त में दिखाई मजबूत तेजी
चांदी ने अगस्त में सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में चांदी करीब 21 फीसदी चढ़ी, जबकि सोने में लगभग 15.7 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
हालांकि, पिछले सप्ताह दोनों धातुओं में गिरावट देखने को मिली। ऐसे में केवल कीमत कम होने को खरीदारी का संकेत मानना सही नहीं होगा।
सितंबर में क्या करें निवेशक?
आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा मुख्य रूप से अमेरिकी रोजगार आंकड़े, फेडरल रिजर्व का रुख, अमेरिकी डॉलर और ईरान-होर्मुज क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हो सकती है।
अगर अमेरिकी रोजगार आंकड़े कमजोर आते हैं और फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने-चांदी में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं मजबूत रोजगार आंकड़े और ऊंची ब्याज दरों की संभावना कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है।
