नप के कार्यालय तक की डगर बुजुर्गों और अक्षम लोगों के लिए कठिन। कार्यालय के मिनी सचिवालय की अंतिम मंजिल पर होने और लिफ्ट की कमी लोगों के लिए बनी मुसीबत। बीडीओ कार्यालय के समीप बनेगा नप का अपना भवन।
4 जनवरी 2024 बैजनाथ साभार (राज कुमार सूद , अमर उजाला )
बैजनाथ पपरोला नगर पंचायत के तहत आने वाले 11 वार्डों के 15 हजार से अधिक लोगों को नप के कार्यालय तक पहुंचना किसी मुसीबत से कम नहीं है। दस वर्ष पूर्व नप के गठन के बाद से ही नप का कार्यालय मिनी सचिवालय की सबसे अंतिम तीसरी मंजिल से चल रहा है। आम जन मानस को विभिन्न कार्यों के लिए नप के कार्यालय तक जाना ही पड़ता है। मिनी सचिवालय में लिफ्ट न होने के कारण बुजुर्गों ,अपंग और अक्षम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यही नहीं युवाओं को छोड़ कर अन्य सभी कार्यालय तक पहुंचने पर यह कहते हुए देखे जा सकते हैं कि नप का कार्यालय धरातल पर होना चाहिए था। चार वर्ष पूर्व नप के कार्यालय को शिफ्ट करने को लेकर प्रस्ताव भी पास हुआ था लेकिन अब तक यह फाइलों तक ही सीमित रहा है। अभी कुछ समय पूर्व भी नप के कार्यालय को अग्नि शमन विभाग के पुराने भवन में शिफ्ट करने पर विचार किया गया था लेकिन पर्याप्त स्थान न होने पर यह भी संभव नहीं हो पाया है। सेवानिवृत कर्नल रंजीत सिंह, यू आर चीमा, रतन चौधरी, त्रिलोक, सुभाष, अरविंद शर्मा आदि का कहना है कि उन जैसे लोगों को नप के कार्यालय तक पहुंचना आसान काम नहीं है। उन्होंने नप के कार्यालय को धरातल पर या फिर नए भवन में शिफ्ट करने का आग्रह किया है। नप के सचिव आदित्य चौहान ने बताया कि नप के अपने भवन के लिए विकास खंड कार्यालय के परिसर के साथ भूमि देखी गई है और इस स्थान पर नप का कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। नप की अध्यक्षा आशा भाटिया ने बताया कि धरातल पर कार्यालय होना समय की जरूरत है और इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। विधायक किशोरी लाल ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए नप का कार्यालय धरातल पर ही स्थापित किया जाएगा।

