शिमला: हिमाचल की सड़कों पर लाल बत्ती और फ्लैशर लाइट के साथ गाड़ी में चलने की लापरवाही अब अधिकारियों को महंगी पड़ सकती है. प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत सरकारी अधिकारी अब गाड़ियों में फ्लैशर व रेड लाइट का दुरुपयोग नहीं कर सकेंगे. सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों पर अनधिकृत रूप से फ्लैशर और रेड लाइट लगाने पर कड़ा संज्ञान लिया है. अधिकारियों को केवल आपातकालीन स्थिति और आपदा प्रबंधन से जुड़े वाहनों को ही मल्टी-कलर रेड, ब्लू और व्हाइट लाइट के उपयोग की अनुमति रहेगी. परिवहन विभाग ने इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन करने को कहा है.
इन्हें मिली विशेष परिस्थितियों में मंजूरी
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल जिला मजिस्ट्रेट व संबंधित आपदा प्रबंधनn अधिकारियों को विशेष परिस्थितियों में इन लाइटों के उपयोग की मंजूरी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद, कई सरकारी अधिकारी, विशेष रूप से पुलिस और जिला प्रशासन के सदस्य अपनी गाड़ियों पर नियमित रूप से फ्लैशर और रेड लाइट का उपयोग कर रहे हैं, जो नियमों की अवहेलना है.
इन्हें किया गया सूचित
परिवहन विभाग ने आदेशों को लेकर पुलिस प्रशासन सहित प्रदेश के सभी विभागों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है. वहीं, निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी अधिकारी मोटर वाहन अधिनियम के तहत ही गाड़ियों में लाईटों को प्रयोग करें. प्रदेश में कहीं भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी गाड़ियों में फ्लैशर व रेड लाइट का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है तो ऐसे में गाड़ियों का चालान किए जाने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है. परिवहन विभाग ने पाया कि प्रदेश में सरकारी अधिकारी गाड़ी में मल्टी-कलर फैंसी ग्लो लाइट्स का उपयोग कर मोटर वाहन अधिनियम उल्लंघन कर रहे हैं. ऐसा करना न केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि इस तरह का दुरुपयोग सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं. इस तरह की लाइटें सड़कों पर दौड़ने वाली अन्य व्हीकल ड्राइवरों का ध्यान भटका सकती है. जिससे दुर्घटनाओं की भी अंदेशा रहता है. ऐसे में परिवहन विभाग ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को सख्ती के साथ आदेशों की पालन सुनिश्चित करने को कहा है.
