कांगड़ा की दुर्गम घाटी छोटा भंगाल के तीन गांवों में एक बार फिर भारी बारिश ने कहर बरपाया है। सुबह तकरीबन 8:00 लुआई और पोलिंग के नालों में जलस्तर बढ़ने से तकरीबन 15 परिवारों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है जबकि दो गाड़ियां बह गई है तथा दो गाड़ियों को नुकसान हुआ है हालांकि जान माल की क्षति की अभी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है। बाढ़ के पानी से अचानक लंबाडग और ऊहल नदी का जलस्तर भी बढ़ चुका है इस वजह से शानन परियोजना के गेट भी खोल दिए हैं। जानकारी के मुताबिक आज सुबह पोलिंग और लुआई के नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। नाले में पानी बढ़ते ही देखते ही देखते मिट्टी और पत्थरों को अपने साथ बहाते हुए रिहायशी क्षेत्र में घुस गया और इस घटनाक्रम में कई घरों के देंगे और सुरक्षा दीवारें गिर गई तथा घरों में पानी घुस गया। रिहासिक क्षेत्र के साथ ही मिडिल और प्राइमरी स्कूलों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। मामले की जानकारी देते हुए लुआई पंचायत के सिंघु राम ने बताया कि बाढ में देवराज, प्रेम लाल, मंत राम, ताराचंद, संतराम, प्यारचंद, सुखराम और बिंदर कुमार के घरों को नुकसान पहुंचा है इस वजह से उनके साथ तकरीबन 15 परिवार साथ लगते अपने रिश्तेदारों घरों में शरण लिए हुए हैं। यह पहला मौका नहीं है जब इस घाटी के लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ा हो इससे पहले भी सन् 1995 ,2006, 2014 में लंबाडग और ऊहल नदी के बाद में घाटी में काफी कर बरपाया है। उधर तहसीलदार मुल्थान हरीश कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फिलहाल मकान में पैदा हुए खतरे को देखते हुए परिवारों को पंचायत स्तर पर रहने और खाने की व्यवस्था की गई है तथा पास के गांव में शिफ्ट किया गया है।
लगातार बारिश की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मौके पर पटवारी और राजस्व करवाने को भेजा गया है मैं स्वयं स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हूं। एसडीएम बैजनाथ देवी चंद ठाकुर ने कहा कि संभावित बादल फटने की घटना की जानकारी मिलते ही वे छुट्टी के बावजूद अपने कार्यालय लौट आए हैं तथा अगले कल उपमंडल प्रशासन के अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा करेंगे। स्पष्ट किया कि प्राकृतिक घटना से जो भी परिवार प्रभावित हुए हैं उन्हें राहत मैनुअल के अनुसार सहायता प्रदान की जाए।

