वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास को सभी बचे हुए बंधकों को रिहा करने के लिए ‘आखिरी चेतावनीट दी है. ट्रंप ने हाल ही में हमास के साथ सीधी वार्ता के लिए एक दूत भेजा है और कड़े शब्दों में संदेश दिया.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने हाल ही में हमास द्वारा रिहा किए गए आठ पूर्व बंधकों से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक बयान में कहा कि वह ‘इजराइल को वह सब कुछ भेज रहे हैं जो उसे काम पूरा करने के लिए चाहिए.”
ट्रंप ने कहा, “सभी बंधकों को अभी रिहा करें, बाद में नहीं, और जिन लोगों की आपने हत्या की है, उनके शवों को तुरंत वापस करें, नहीं तो आपके लिए सब खत्म हो जाएगा.” ट्रंप ने कहा, “केवल बीमार और विकृत लोग ही शव रखते हैं, और आप (हमास) बीमार और विकृत हैं!”
इससे पहले, व्हाइट हाउस ने बुधवार को एक बयान में काहा कि अमेरिकी अधिकारी हमास नेताओं के साथ ‘चल रही वार्ता और चर्चा’ में लगे हुए हैं. यह कदम चरमपंथी समूह से सीधे तौर पर बातचीत न करने की लंबे समय से चली आ रही अमेरिकी नीति से अलग है. अमेरिका ने 1997 में हमास को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था. इसके बाद से यह अमेरिका और हमास के बीच पहली सीधी वार्ता है.
कतर की राजधानी दोहा में यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब इजराइल-हमास के बीच युद्ध विराम अधर में लटका हुआ है.
अमेरिकी लोगों के हित में एक नेक प्रयास…
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने वार्ता के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया. हालांकि, उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूतों को ‘किसी से भी बात करने’ के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि यह अमेरिकी लोगों के हित में काम करने का एक नेक प्रयास है. लेविट ने कहा कि हमास नेताओं के साथ सीधे जुड़ाव के बारे में इजराइल से सलाह ली गई है, क्योंकि अमेरिकी लोगों की जान दांव पर लगी है.
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने अमेरिका-हमास वार्ता के बारे में कहा कि इजरायल ने हमास के साथ सीधी वार्ता के बारे में अमेरिका को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है.
बंधकों को रिहा कराने के लिए विशेष दूत के रूप में ट्रंप द्वारा नामित एडम बोहलर ने हमास के साथ सीधी वार्ता का नेतृत्व किया. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, एक अमेरिकी नागरिक समेत लगभग 24 जीवित बंधकों के साथ-साथ कम से कम 35 अन्य लोगों के शव अभी भी गाजा में रखे हुए हैं.
