July 22, 2026
Baijnath

आपदा में पशुओं संग ही रहे छेरना और लुआई के लोग ।

06 मार्च 2025

कांगड़ा की दूरस्थ घाटी छोटा भंगाल में भारी बारिश की वजह से अभी तक ग्रामीणों की जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। हालांकि प्रशासन की ओर से राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सड़क खोलने और बिजली बहाल करने के लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी हैं मगर नुकसान ज्यादा होने की वजह से अभी ग्रामीणों को हफ्ता भर इंतजार करना पड़ सकता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मुल्थान लोहारड़ी और मुल्थान कोठी कोहड मार्ग बहाल करने के लिए जेसीबी और टिप्पर लगाए गए हैं लेकिन विभाग के यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इन मार्गों के अलावा तकरीबन 10 संपर्क मार्ग में भी लहासे से गिरे हैं। इस वजह से ग्रामीणों को राशन और जरूरत का सामान लाने के लिए काफी दिक्कत हो रही है। घाटी के लोगों की खास बात यह है कि जब कभी भी इस तरह की मुसीबत आती है तो ग्रामीण इकट्ठे होकर एक दूसरे की मदद करते हैं। यही वजह है कि प्रशासन द्वारा ऑफर दिए जाने के बावजूद अभी तक किसी भी प्रभावित परिवार को सार्वजनिक या फिर सरकारी जगह पर आश्रय नहीं लेना पड़ी है तमाम प्रभावित अपने-अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए हैं।

छेरना की गुड्डी देवी की रसोई का सारा सामान बाढ़ में बह जाने से परिवार सहित रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं हालांकि प्रशासन ने उसे प्रारंभिक राहत के तौर पर रसोई का सामान मुहैया करवाया है। क्योंकि यहां के तमाम परिवार पशुओं को भी अपने परिवार का सदस्य मानते हैं इसीलिए लुआई निवासी ताराचंद और बालक राम बाढ़ के खतरे को भांप जाने के बावजूद अपने पशुधन सहित घर पर ही डटे रहे। सड़के बंद होने की वजह से ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और नौकरी पेशा लोगों को तकरीबन 4 से 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। छेरना निवासी राम सिंह अलामचंद जयलाल ज्ञानचंद बालकचंद और ऊहलधार निवासी लालचंद और ढाबा राम ने बताया कि अभी तक रास्ते बाहर न होने की वजह से काफी दिक्कत हो रही है। जल शक्ति विभाग के एसडीओ शरति शर्मा ने बताया कि ऊहलधार से संचालित उठाऊ पेयजल योजना की सारी मशीनरी बहाल गई है जिसमें 25-25 हॉर्स पावर की दो मोटर, पाइप और ढांचे को भी व्यापक नुकसान हुआ है। इसी तरह अन्य पेयजल योजनाओं में भी विभाग को काफी नुकसान हुआ है कुल मिलाकर तकरीबन 70 लाख रुपए के नुकसान का आकलन गया है। पूर्व प्रधान लालचंद ने कहा कि विभाग को क्षेत्र वासियों को राहत दिलाने के लिए राहत कार्य में तेजी लानी चाहिए। जिन ग्रामीणों की भूमि बह गई है उन्हें पर्याप्त मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। बॉक्स लगाए तहसीलदार मुल्तान हरीश कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से सड़क मार्गों को खोलने, पेयजल बहाल रखने और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की दृष्टिगत कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों को हर संभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है ।

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