19 फरवरी
इसे कहते हैं जुगाड़ बाजी। लोक निर्माण विभाग बैजनाथ मंडल के तहत पंजाला गांव में लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरिंग का ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे देखकर हर कोई हतप्रभ है। यहां के रेनसेल्टर को तारकोल के ड्रमों के सहारे टिकाया गया है। लगभग 5 महीने पहले यह गिरने की हालत में पहुंच गया था तब विभाग ने इसे आसुरक्षित घोषित नहीं किया उल्टा तारकोल के ड्रामा के सहारे ऐसे खड़ा कर दिया जो बहुत बड़े हादसे को न्योता दे रहा है । हालांकि यह कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है लेकिन बीते 6 महीने से यह रेनशैल्टर इसी तरह से खड़ा है। कहने को तो प्रदेश सरकार और विभागीय अधिकारी भी करोड़ों लाखों की घोषणाएं नित दिन कर रहे हैं परंतु न जाने क्यों खंडार बन चुके इस रेन सेक्टर की मरम्मत करने के लिए आखिर विभाग की जेब खाली क्यों है यह सभी की समझ से परे है यह रेन सेलटर जिस जगह बना है वहां पर साथ में एक हनुमान का मंदिर है तथा अधिकतर लोग यही से ही बाहर जाने के लिए बस लिया करते हैं अगर ऐसे में कभी कोई एक ड्रम मी खिसक जाए तो भारी हादसा हो सकता है स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है अति शीघ्र इस रेल सेंटर को बनाया जाए ताकि होने वाले बड़े हादसे को बचाया जा सके
