April 17, 2026
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31 मार्च से पहले कमर्शियल व्हीकल ऑनर कर लें ये काम, नहीं किया तो होगा नुकसान

आगामी 31 मार्च के बाद वाहन मालिकों को पीजीटी/एसआरटी पेनल्टी पर कोई छूट नहीं मिलेगी. इसको लेकर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) सिरमौर सोना चंदेल ने नाहन में वाहन मालिकों के साथ इस संबंध में बैठक कर सरकार के आदेशों से अवगत करवाया.

आरटीओ सोना चंदेल ने बताया कि 1 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में पंजीकृत सभी वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों पर लगने वाले पीजीटी (पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स) को एसआरटी (स्पेशल रोड टैक्स) में परिवर्तित कर दिया गया था. इसके तहत इन वाहनों पर लगने वाले पीजीटी को 31 दिसम्बर 2021 के बाद परिवहन विभाग में जमा किया जाना था, जो पहले एक्साइज एंड टेक्सेशन डिपार्टमेंट के अधीनस्थ था.

सोना चंदेल एक्साइज डिमार्टमेंट ने बताया कि उक्त वाहन मालिकों की 31 दिसंबर 2021 तक की बहुत अधिक देनदारियां लंबित थी. लिहाजा उन्हें रियायत देते हुए सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से 31 दिसम्बर 2021 तक की बकाया राशि पर लगने वाली पेनल्टी/इंटरेस्ट में एक मुश्त छूट देने बारे स्पेशल पॉलिसी जारी की गई, जिसकी अवधि 31 दिसम्बर 2023 थी. इसके विपरीत बहुत से वाहन मालिकों ने उक्त अवधि तक भी उनके वाहनों की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया. साथ ही विभिन्न सेक्टर्स से सरकार के समक्ष 31 दिसम्बर 2023 की समयावधि को बढ़ाने के निवेदन प्राप्त होते रहे और इसके तहत समय-समय पर उक्त अवधि को 31 दिसम्बर 2024 तक बढ़ाया गया, लेकिन इसके बावजूद भी लंबित राशि जमा नहीं करवाई गई. इसके बाद 17 फरवरी 2025 को सरकार ने अधिसूचना जारी कर अंतिम बार 31 मार्च 2025 तक की छूट प्रदान की है, लिहाजा जिला सिरमौर में भी सभी वाणिज्यिक वाहन स्वामियों को 31 मार्च 2025 तक या उससे पहले ही इस स्पेशल पॉलिसी का लाभ मिल सकेगा. इसके बाद विभाग द्वारा कोई छूट नहीं दी जाएगी.

आरटीओ सोना चंदेल ने कहा कि, ‘यदि 31 मार्च तक किसी भी वाहन की देनदारी पूरी नहीं की जाती है, तो वाहन मालिक अपने वाहन से संबंधित किसी भी प्रकार की सर्विस जैसे कि वाहन की पासिंग या परमिट के नवीनीकरण इत्यादि का लाभ नहीं ले सकेगा. लंबित पड़ी राशि को पूरी पेनल्टी के साथ एक्साइज विभाग के पास ही जमा करवाना होगा. आरटीओ ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि वो इस बारे उनके परिचित अन्य वाहन स्वामियों को भी अवगत करवाएं और संबंधित पंजीयन कार्यालय में 31 मार्च से पहले-पहले उक्त टैक्स संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने वाहन के टैक्स की री-असेसमेंट करवा कर टैक्स क्लीयरेंस करवा लें, ताकि निर्धारित अवधि के बाद भी वह अपने वाहन का संचालन सुचारू रूप से कर सकें.’

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