शिमला: केंद्र सरकार के प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023 के विरुद्ध अधिवक्ता सड़कों पर उतर गए है. शिमला में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने राजभवन तक मार्च निकाला और राजभवन के बाहर प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया. साथ ही हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन राज्यपाल को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023 को अधिवक्ताओं की स्वायत्तता छीनने वाला और गैर जरूरी विधेयक बताया है.
पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023 को पेश किए जाने के ही विरोध में है. उन्होंने इस विधायक को गैर जरूरी बताते हुए इसे संसद में पेश किए जाने का ही विरोध किया है.
पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने कहा, “प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023 की कोई आवश्यकता नहीं है. नया संशोधन विधेयक लाया जाने के पीछे केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं. प्रस्तावित संशोधन विधेयक के प्रावधानों से अधिवक्ताओं की स्वायत्तता छीनने का खतरा है. ऐसे में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन इस संशोधन विधेयक को पेश किए जाने का ही विरोध करता है. केंद्र सरकार यह संशोधन विधेयक पेश न करें”.
पूर्व एडवोकेट जनरल श्रवण डोगरा ने अन्य राज्यों की बार एसोसिएशन से भी प्रस्तावित संशोधन विधेयक का विरोध करने का आह्वान किया है. श्रवण डोगरा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से प्रस्तावित संशोधन विधेयक के विरोध की शुरुआत हो गई है. अब दूसरे राज्यों की बार एसोसिएशन को भी आगे आने की आवश्यकता है.
