शिमला: हिमाचल प्रदेश में राज्य कैडर किए जाने से नाराज पटवारियों और कानूनगो ने इन दिनों सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. 9 दिनों से पटवार सर्कलों और कानूनगो वृत में ताले लटके हुए हैं. जिस कारण लोगों के जरूरी प्रमाण पत्रों सहित राजस्व से संबंधित काम नहीं हो रहे हैं. ऐसे में आम जनता को अब भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद प्रदेश सरकार संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ की तरफ से रखी गई मांगों पर झुकने को तैयार नहीं है.
डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन
वहीं, अब सरकार ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पटवारियों और कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सभी जिलों के डीसी से रिपोर्ट मांगी है. जिससे महासंघ की नाराजगी और गुस्सा और भड़क गया है. ऐसे में आज संबंधित जिलों में पटवारी और कानूनगो डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान पटवारी और कानूनगो द्वारा सभी जिलों के डीसी के जरिए सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा और बलवान कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की जाएगी.
“सरकार ने बलवान कमेटी की सिफारिशों को माने बिना ही पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर में डाल दिया है. अभी तक सरकार ने वार्ता के लिए भी नहीं बुलाया गया है. ऐसे में आज सभी जिलों में डीसी ऑफिस के बाहर पटवारी और कानूनगो प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान बलवान कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए सभी डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा.” – सतीश चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष, संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ
प्रदेश में नहीं बन रहे ये सर्टिफिकेट
प्रदेश भर में पटवारियों और कानूनगो के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पर अब हिमाचली प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू स्वामित्व प्रमाण पत्र, कृषक प्रमाण पत्र और ईडब्लूएस आदि जैसे जरूरी प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं. प्रदेश में अब स्कूलों में एडमिशन भी होने हैं. ऐसे में अब प्रदेश भर में रोजाना 3500 से अधिक प्रमाण बनने हैं. यही नहीं पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर जाने से लोगों को जरूरी सेवाएं जैसे जमाबंदी अपडेशन, निशानदेही, गिरदावरी, एग्रीकल्चर सेन्सस, इंतकाल की एंट्री, पार्टिशन, अतिक्रमण केस रिपोर्ट, बैंक केसीसी रिपोर्ट, नकल जमाबंदी वेरिफिकेशन व ऑनलाइन सेवाएं आदि नहीं मिल रही है. इसी तरह से प्रदेश भर में चल रही ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी ठप पड़ गई है.
28 फरवरी से हड़ताल जारी
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पटवारी और कानूनगो ने 25 और 27 फरवरी को दो दिनों के सामूहिक अवकाश पर थे. वहीं, 26 फरवरी को शिवरात्रि की छुट्टी थी. इस दौरान संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ ने सरकार को वार्ता के लिए बुलाए जाने का अल्टीमेटम दे रखा था, लेकिन सामूहिक अवकाश पर जाने के फैसले के बाद भी सरकार ने महासंघ को वार्ता के लिए नहीं बुलाया. ऐसे में अब 28 फरवरी से पटवारियों और कानूनगो अनिश्चित काल के लिए हड़ताल पर चल रहे हैं.
स्टेट कैडर की अधिसूचना से नाराज
हिमाचल प्रदेश में राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो अभी तक डिस्ट्रिक्ट कैडर के तहत आते थे. ऐसे में इस वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के आरएंडपी रूल्स भी इसी आधार पर तय किए गए थे. मगर सरकार ने डिस्ट्रिक्ट कैडर को समाप्त कर नायब तहसीलदारों, पटवारियों और कानूनगो को लेकर अब राज्य कैडर की अधिसूचना जारी कर दी है. हिमाचल में नायब तहसीलदारों, कानूनगो और पटवारियों को स्टेट कैडर में डालने से महासंघ नाराज हो गया है. जिससे हिमाचल प्रदेश संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो महासंघ को प्रमोशन चैनल प्रभावित होने का अंदेशा है. ऐसे में प्रदेश सरकार के फैसले से नाराज पटवारी और कानूनगो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
