हमीरपुर: उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध के अप्पर बाजार में एक अप्रिय घटना सामने आई है। यहां पंजाब से आए एक श्रद्धालु ने मामूली कहासुनी के बाद दरात निकालकर हवा में लहरा दिया। इस घटना से मेले के शांतिपूर्ण माहौल में तनाव पैदा हो गया।
दियोटसिद्ध में 14 मार्च से 13 अप्रैल तक चैत्र मास मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा के तहत हथियारों का प्रयोग निषेध है। एसडीएम और मंदिर न्यास के चेयरमैन राजेंद्र गौतम ने इस संबंध में आदेश भी जारी किए हैं। लेकिन इसके बावजूद, सोमवार को एक पंजाबी श्रद्धालु ने खुलेआम दरात लहराकर लोगों को हैरान कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब के शाहतलाई से आए श्रद्धालु ने दियोटसिद्ध के अप्पर बाजार के समीप सड़क के बीच में अपनी गाड़ी रोक दी। स्थानीय टैक्सी चालक देशराज ने जब उसे गाड़ी साइड में पार्क करने के लिए कहा, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच श्रद्धालु ने गाड़ी से दरात निकालकर हवा में लहराना शुरू कर दिया। इससे स्थानीय दुकानदारों और टैक्सी चालकों में भय का माहौल बन गया। लोगों की भीड़ उग्र होती, इससे पहले ही श्रद्धालु गाड़ी लेकर फरार हो गया।
दियोटसिद्ध पुलिस चौकी प्रभारी प्रकाश ठाकुर ने मंगलवार को बताया कि इस घटना की लिखित शिकायत मिली है और मामले में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, “पुलिस कर्मियों को खास हिदायत दी गई है कि इस प्रकार का घटनाक्रम भविष्य में न हो।”
बाबा बालक नाथ मंदिर उत्तरी भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर साल चैत्र मास के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार मेले की शुरुआत से ठीक तीन दिन पहले हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, प्रशासन ने मेले के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और श्रद्धालु की तलाश जारी है। इस घटना के बाद प्रशासन ने मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने का फैसला किया है। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे शांति और सद्भाव बनाए रखें और किसी भी प्रकार की हिंसक घटना से बचें।
इस घटना ने एक बार फिर से धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। आशा है कि प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा और मेले का माहौल शांतिपूर्ण बना रहेगा।
