होलिका दहन हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। इस बार होलिका दहन गुरुवार, 13 मार्च 2025 को होगा। इस दिन सुख-समृद्धि के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर शुरू होगी और 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। भद्रा के कारण होलिका दहन रात 11:30 बजे के बाद ही किया जाएगा।
मनोकामना पूर्ति के लिए उपाय
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, होलिका दहन के समय तीन गोमती चक्र हाथ में लेकर अपनी मनोकामना को 21 बार मानसिक रूप से दोहराएं और फिर गोमती चक्र को अग्नि में समर्पित कर दें। इसके बाद प्रणाम करके वापस आएं। ऐसी मान्यता है कि इससे मनोकामना पूरी होती है।
कर्ज से मुक्ति के लिए उपाय
होलिका दहन स्थल पर एक गड्ढा खोदकर चांदी, तांबा और लोहे की छोटी मात्रा दबाएं। इसके ऊपर मिट्टी डालकर रोली या रक्त चंदन से स्वस्तिक बनाएं। होलिका पूजन के दौरान पान के पत्ते पर कपूर, हवन सामग्री, शुद्ध घी में डूबा लौंग का जोड़ा और दो बताशे रखें। इसे दूसरे पान के पत्ते से ढककर हाथ में लेकर सात बार परिक्रमा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें। परिक्रमा के बाद सामग्री को होलिका में अर्पित कर दें। अगले दिन दबाई गई धातुओं को निकालकर सुनार से मध्यमा अंगुली के माप का छल्ला बनवाएं और अगले शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को इसे होलिका की भस्म से लेपित कर धारण करें। इससे आर्थिक समस्याओं का समाधान होगा और कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
होलिका दहन 2025 पर बरतें सावधानियां
होलिका दहन की रात्रि को ‘अहोरात्रि’ कहा जाता है और यह तंत्र साधना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे –
सफेद खाद्य पदार्थों से सावधान रहें, क्योंकि इनका उपयोग टोने-टोटके के लिए किया जाता है। किसी अंजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु न लें। सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। अपने पहने हुए कपड़े या रुमाल किसी को न दें। चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी से गुजरें, क्योंकि वहां टोटके रखे जा सकते हैं। यदि किसी को टोटका करते देखें तो उसे न टोकें और उस स्थान से दूरी बनाकर गुजरें। होलिका दहन के दिन काले तिल को काले कपड़े में बांधकर जेब में रखें और रात को होलिका में डाल दें। इससे पहले से चल रहे टोटके का प्रभाव समाप्त हो सकता है।
होलिका दहन का यह पर्व सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष माना जाता है। उचित उपाय और सावधानियों के साथ इस त्योहार को मनाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं।
