हिंदू धर्म में कामदा एकादशी का विशेष महत्व है। आज चैत्र शुक्ल एकादशी तिथि है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस पवित्र दिन भगवान विष्णु की पूजा और सच्ची भक्ति से व्रत रखने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, पापों का नाश होता है और श्री हरि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ऐसा विश्वास है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से जीवन में कभी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। आइए जानते हैं कामदा एकादशी 2025 की पूजा विधि, भोग, मंत्र और पारण समय।
कामदा एकादशी पारण समय
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। इस बार कामदा एकादशी का पारण 09 अप्रैल 2025 को सुबह 06:02 बजे से 08:34 बजे के बीच होगा।
कामदा एकादशी पूजा समय और शुभ योग
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:32 बजे से 05:18 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:20 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06:03 बजे से 07:55 बजे तक
- रवि योग: सुबह 06:03 बजे से 07:55 बजे तक
कामदा एकादशी पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
- पीले वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
- घर के मंदिर को साफ करें और भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।
- पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें।
- पीले वस्त्र, चंदन का तिलक, पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
- घी का दीपक और धूप जलाएं, जिससे घर में सुगंध फैले।
- कामदा एकादशी व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
- भगवान विष्णु की आरती करें।
- शाम को भी विधिवत पूजा करें और चावल खाने से बचें।
- अगले दिन द्वादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें।
कामदा एकादशी भोग
भगवान विष्णु को सात्विक भोग अर्पित करें, जैसे- पंचामृत, पंजीरी, मौसमी फल या घर पर बनी मिठाई।
पूजन मंत्र
- ॐ विष्णवे नमः
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।।
कामदा एकादशी का व्रत भक्तों के लिए आध्यात्मिक शक्ति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति से जीवन में सकारात्मकता और शांति का संचार होता है।
