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September 30, 2026
Shimla

Himachal Budget:बजट में किसानों को तोहफ़ा , दूध गेहूं की ख़रीद मूल्यों में बढ़ोतरी। पढ़िए इस बार के बजट में क्या है ख़ास ?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में प्रस्तुत बजट में किसानों और पर्यटन क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें दूध उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए दूध के न्यूनतम खरीद मूल्य में वृद्धि, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, आलू प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, और पर्यटन के विकास के लिए बड़े बजट प्रावधान शामिल हैं। यहां इन घोषणाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है:

दूध उत्पादक किसानों को बड़ी राहत

  • दूध के न्यूनतम खरीद मूल्य में वृद्धि: गाय के दूध का मूल्य 45 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 55 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में सीधा लाभ होगा।
  • दुग्ध सहकारी सभाओं को अनुदान: दुग्ध सहकारी सभाओं को दिया जाने वाला अनुदान 1.5% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया है।
  • दूध उत्पादन और वितरण के लिए बजट: इसके लिए 10.73 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही, दूध परिवहन के लिए 2 रुपये प्रति किलोमीटर का अनुदान दिया जाएगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

  • एक लाख नए किसानों को जोड़ा जाएगा: प्रदेश सरकार ने एक लाख नए किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इससे जैविक उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

आलू प्रोसेसिंग यूनिट

ऊना में आलू प्रोसेसिंग यूनिट: कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ऊना में आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे किसानों को आलू की उचित कीमत मिलेगी और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।

पर्यटन के विकास के लिए बड़े निर्णय

पर्यटन के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट: पर्यटन को मजबूत करने के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसका उपयोग धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण, साहसिक खेलों के विकास, हेल्थ वेलनेस सेंटरों की स्थापना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन का विकास: प्रमुख धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण के लिए बड़ा बजट निर्धारित किया गया है। इसमें ऊना जिले की माता चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 58 करोड़ रुपये, कांगड़ा जिले की माता ज्वालाजी और बिलासपुर के नयना देवी मंदिर के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।

युवाओं को फूड वैन व्यवसाय के लिए अनुदान: युवाओं को फूड वैन व्यवसाय के लिए 30% तक का अनुदान दिया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे रोजगार के साधन सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। यह बजट प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

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