मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के मनरेगा कामगारों को बड़ी राहत देते हुए उनकी दिहाड़ी में 20 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब कामगारों को 320 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे, जो पहले 300 रुपये थे। इससे प्रदेश के लाखों मनरेगा कामगारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मासिक मानदेय में 1000-1000 रुपये की वृद्धि की गई है। अब अध्यक्ष को 25,000 रुपये और उपाध्यक्ष को 19,000 रुपये मासिक मिलेंगे। वहीं, पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मानदेय में 600-600 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के मानदेय में भी 300-300 रुपये की वृद्धि की गई है।
दूग्ध उत्पादकों के लिए भी बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने दूध के न्यूनतम खरीद मूल्य में 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसके अलावा, दुग्ध सहकारी सभाओं को दिया जाने वाला अनुदान 1.5% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह कदम प्रदेश के कामगारों, पंचायती राज प्रतिनिधियों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग को समृद्धि और विकास के अवसर प्रदान करना है। यह बजट प्रावधान प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
