शिमला। मौसम विभाग ने प्रदेश में 19 अगस्त तक भारी वर्षा और कई स्थानों पर बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। बुधवार को कांगड़ा, ऊना, सोलन, शिमला और सिरमौर जिला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की आशंका है। मंगलवार को वर्षा के कारण तीन मकानों को नुकसान हुआ है। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान 5 जिलों चम्बा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला में बाढ़ का खतरा जताया है। इन जिलों में बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। दो दिन पहले ऊना और सिरमौर जिलों में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। मंगलवार को धर्मशाला में 51, कांगड़ा में 30, बजौरा में 4.5, बिलासपुर में चार, सोलन और शिमला में 2.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
प्रदेश में 213 सड़कें अवरुद्ध, 218 ट्रांसफार्मर ठप्प
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार भूस्खलन से प्रदेश में दो राष्ट्रीय उच्च मार्ग और 213 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा 218 बिजली के ट्रांसफार्मर व 143 पेयजल परियोजनाएं भी ठप्प हैं। शिमला जिले में 89 सड़कें भूख्सलन से बंद हैं। सिरमौर में 42, मंडी में 37, कुल्लू में 26, किन्नौर में 4 कांगड़ा में 6 सड़कों पर आवाजाही बाधित है। विभाग का दावा है कि सड़कों को जल्द से जल्द खोल दिया जाएगा।
मानसून से एक हजार करोड़ का नुक्सान
प्रदेश में मानसून सीजन के पिछले 47 दिनों में हुई बारिश, भूस्खलन व बाढ़ से हुई क्षति एक हजार करोड़ तक पहुंच गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार लोक निर्माण विभाग को 436 करोड़, जल शक्ति विभाग को 403 करोड़ और बागवानी विभाग को 139 करोड़ का नुक्सान पहुंचा है। मानसून के दौरान वर्षा से जुड़े हादसों में 194 लोगों की मौत हो चुकी है
