शिमला: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की अति सक्रियता लगातार जारी है। बीती रात चंबा, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। सड़कें, बिजली और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह बाधित हुई है। चंबा जिले में हालात सबसे गंभीर बने हुए हैं। राजधानी शिमला में भी बुधवार देर रात बारिश के बाद गुरुवार को आसमान बादलों से घिरा रहा।
मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक खराब मौसम की चेतावनी दी है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 अगस्त को उना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर, 30 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला सहित आठ जिलों और 31 अगस्त को किन्नौर व लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 1 से 3 सितंबर तक भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में बारिश का आंकड़ा
पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के पंडोह में सर्वाधिक 110 मिमी बारिश दर्ज की गई। हमीरपुर के भरेड़ी और मंडी शहर में 60-60 मिमी, गोहर में 50 मिमी, बिलासपुर के श्रीनयना देवी जी में 40 मिमी, मनाली में 30 मिमी, रामपुर और बलद्वाड़ा में 20-20 मिमी बारिश हुई।
मंडी में भूस्खलन की अफवाहें निराधार
मंडी जिले के बनाला में बुधवार रात हुए भूस्खलन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलीं कि कई वाहन और लोग मलबे में दब गए। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी ट्वीट कर इसकी आशंका जताई थी। हालांकि, प्रशासन ने मलबा हटाकर स्थिति स्पष्ट कर दी। डीसी मंडी अपूर्व देवगन और एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि मलबे में कोई वाहन या व्यक्ति दबा नहीं मिला।
सड़कें, बिजली और पेयजल सेवाएं ठप
प्रदेश में 1 नेशनल हाईवे और 524 सड़कें बंद हैं। मंडी में 216, कुल्लू में 169, कांगड़ा में 63, शिमला में 32 और उना में 20 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में एनएच-3 भी बंद है। 1230 ट्रांसफार्मर ठप हैं, जिनमें 692 कुल्लू और 320 मंडी में हैं। 416 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
मॉनसून में अब तक 312 मौतें
इस मॉनसून सीजन में 312 लोगों की मौत हो चुकी है, 38 लोग लापता हैं और 374 घायल हुए हैं। मंडी में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला और किन्नौर में 28-28, कुल्लू में 26 मौतें दर्ज हुई हैं। 3,736 मकान क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 776 पूरी तरह ध्वस्त हैं। 485 दुकानें, 3,367 पशुशालाएं नष्ट हुईं और 1,854 पालतू पशु व 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए। कुल नुकसान 2,753 करोड़ रुपये आंका गया है।
फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं
मॉनसून में 90 फ्लैश फ्लड, 86 भूस्खलन और 42 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गईं। लाहौल-स्पीति में 52 फ्लैश फ्लड, कुल्लू में 15, शिमला में 14 और मंडी में 12 भूस्खलन हुए। मंडी में 18 बादल फटने की घटनाएं सामने आईं।
प्रमुख शहरों का तापमान
- शिमला: न्यूनतम 16.8°C, अधिकतम 24.6°C
- सुंदरनगर: 21.3°C, 31.6°C
- भुंतर: 19.0°C, 32.2°C
- मनाली: 15.5°C, 25.5°C
- धर्मशाला: 17.6°C, 29.1°C
प्रशासन बंद सड़कों और सेवाओं की बहाली में जुटा है, लेकिन भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक चुनौतियां बढ़ा सकता है।
