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April 22, 2026
Mandi

Himachal News: पति को छोड़कर पंजाब में की दूसरी शादी, फिर जुड़वां बेटियों की ह.त्या कर लौटी मां को कठोर आजीवन कारावास

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक दिल दहला देने वाले मामले में सत्र न्यायालय (पारिवारिक कोर्ट) ने एक महिला को अपनी सवा माह की जुड़वां बेटियों की हत्या के लिए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी महिला रोहिना पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, न्यायालय ने उसे बच्चों के परित्याग के आरोप से बरी कर दिया।

पहले पति के पास लौटने के लिए की हत्या
जानकारी के अनुसार, रोहिना ने अपने पहले पति सौरभ को छोड़कर पंजाब के एक युवक से शादी कर ली थी। इस दौरान उसने दो बच्चियों को जन्म दिया। सौरभ ने रोहिना को बिना बच्चियों के घर लौटने की शर्त रखी थी। इसके बाद रोहिना ने अपनी दोनों नवजात बेटियों को मौत के घाट उतार दिया।

10 फीट ऊंचे डंगे से फेंकी थीं बच्चियां
19 सितंबर 2021 को सकोड़ी पुल के नीचे खड्ड में दो नवजात बच्चियों के शव मिलने की सूचना नीलकंठ अस्पताल के चपरासी पंकज कुमार ने पुलिस को दी थी। जांच में पता चला कि ये बच्चियां रोहिना की थीं, जिनका जन्म 9 अगस्त 2021 को पंजाब के एक सरकारी अस्पताल में हुआ था। रोहिना ने 17-18 सितंबर की रात बच्चियों को करीब 10 फीट ऊंचे डंगे से नीचे फेंक दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों बच्चियों की मौत सिर में गंभीर चोटों के कारण हुई थी।

डीएनए और सीसीटीवी से हुआ खुलासा
डीएनए जांच में एक बच्ची के रक्त का नमूना रोहिना से मेल खाया, जिसकी पुष्टि एसएफएसएल जुन्गा ने की। सकोड़ी पुल के पास एक स्टोर के सीसीटीवी फुटेज में एक महिला को बच्चों के साथ पुल की ओर जाते और बिना बच्चों के लौटते देखा गया। हालांकि, चेहरा स्पष्ट नहीं था, लेकिन अभियोजन ने इसे घटनाक्रम से जोड़कर पेश किया। पुलिस हिरासत में रोहिना ने अपराध स्वीकार किया और घटनास्थल की पहचान भी करवाई।

अभियोजन के सबूतों ने साबित किया अपराध
लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्य और रोहिना का बयान पुख्ता सबूत हैं कि उसने जानबूझकर अपनी बच्चियों की हत्या की। पंजाब में भी उसने बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और सीसीटीवी फुटेज अस्पष्ट था। रोहिना ने अपनी ननद करुणा पर बच्चियों को अपने कब्जे में लेने और उसे फंसाने का आरोप लगाया।

न्यायालय का फैसला
न्यायालय ने अभियोजन के साक्ष्यों को पर्याप्त माना। डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई। कोर्ट ने कहा कि बच्चियों को नाले में फेंकना केवल परित्याग नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इसलिए, रोहिना को दोषी ठहराते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

यह मामला समाज में मातृत्व और मानवीय संवेदनाओं पर सवाल उठाता है, जिसने मंडी सहित पूरे क्षेत्र में लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

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