बैजनाथ (कांगड़ा), 28 अगस्त 2025: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की सबसे दुर्गम पंचायत बड़ा भंगाल में रावी नदी का जलस्तर बढ़ने से भारी तबाही मची है। नदी के तेज बहाव ने हेलिपैड के पास स्थित सरकारी भवनों को बहा दिया, जिसमें दो सरकारी स्कूल, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, पंचायत भवन, सोसायटी का राशन डिपो और गांव को जोड़ने वाले काली हांडी व रावी पुल शामिल हैं। रावी के किनारे बसे पंचायत के निचले घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं।
पंचायत प्रधान मनसा राम ने बताया कि राशन डिपो के बह जाने से खाद्य संकट की आशंका बढ़ गई है। वर्तमान में गांव में करीब 300 लोग और 150 भेड़पालक मौजूद हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बड़ा भंगाल छह महीने तक शेष दुनिया से कटा रहता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने जिलाधीश से हवाई सर्वेक्षण और तत्काल सहायता की मांग की है। साथ ही भविष्य में गांव की सुरक्षा के लिए जियोलॉजिकल सर्वे की भी जरूरत बताई।
रावी नदी की दूसरी ओर पांच लोग फंसे हुए हैं, और बारिश के कारण बड़ा भंगाल को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। गांव के लिए भेजे गए 60 बैग सीमेंट भी रास्ते में अटके हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि निचले गांव के लोगों और दोनों स्कूलों को सुरक्षित ऊपरी गांव में स्थानांतरित किया जा रहा है। दवाइयों और राशन की व्यवस्था की जा रही है, और उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है। विधायक किशोरी लाल ने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और गांव की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदा से बचा जा सके।
