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May 17, 2026
Shimla

“पंजाब में HRTC बसें निशाने पर: भिंडरावाला के पोस्टर लगाकर समर्थकों ने बढ़ाई तनातनी, बस चालक दहशत में, सुक्खू सरकार मौन”

हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसका कारण पंजाबी पर्यटकों द्वारा आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाला के पोस्टर और बैनर लगाना है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब पंजाब में भिंडरावाला के समर्थकों ने हिमाचल प्रदेश की बसों पर उनके पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद से दोनों राज्यों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में पंजाबी पर्यटकों द्वारा भिंडरावाला के पोस्टर लगाने और उनके समर्थन में नारेबाजी करने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने कार्रवाई की। इसके जवाब में पंजाब के होशियारपुर सहित अन्य बस स्टैंडों पर हिमाचल प्रदेश की बसों पर भिंडरावाला के पोस्टर लगाए गए। इस दौरान समर्थकों ने “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे भी लगाए।

कुल्लू पुलिस ने इस मामले में कई केस दर्ज किए हैं। 15 और 16 फरवरी 2025 को कुल्लू जिले के मनाली और मणिकर्ण पुलिस स्टेशनों में चार मामले दर्ज किए गए। इनमें मोटरसाइकिल सवारों द्वारा भिंडरावाला के झंडे लगाने, धमकी देने और हिंसक घटनाओं की शिकायतें शामिल हैं। एक मामले में, मोटरसाइकिल सवारों ने एक स्थानीय व्यक्ति पर तलवार से हमला भी किया।

पंजाब में भिंडरावाला के समर्थकों ने हिमाचल पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि भिंडरावाला सिख कौम के महान नायक हैं और उनके समर्थन में की गई कार्रवाई को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सिख युवाओं के साथ हुई घटनाओं की निंदा की।

हिमाचल प्रदेश सरकार अब तक इस मामले पर मौन बनी हुई है। हालांकि, राज्य के बजट सत्र में भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और समय रहते कदम उठाने चाहिए, नहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इस घटना के बाद हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) के चालकों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। पंजाब में बसों पर भिंडरावाला के पोस्टर लगाए जाने के बाद से उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है।

हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच यह विवाद राज्यों के बीच तनाव बढ़ाने का कारण बन सकता है। दोनों राज्यों की सरकारों को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और स्थिति को शांत करने के लिए आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। साथ ही, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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