हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन पर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान को लेकर कंगना को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अब मंडी लोकसभा सीट से कंगना के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कंगना के इस बयान की निंदा की है। उन्होंने कंगना से किसानों से माफी मांगने को भी कहा है। विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह हरियाणा में किसान आंदोलन पर कंगना रनौत के गलत बयान की कड़ी निंदा करते हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि कंगना के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और ये उनकी दर्शाते हैं कि उनकी बौद्धिक दिवालियापन को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह कंगना ने अपनी ही सरकार की विदेश नीति पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। वह ना कुछ जानते हुए और ना ही कुछ समझते हुए ककह रहीं हैं कि अमेरिका और चीन का हस्तक्षेप हरियाणा में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं विदेश मंत्री एस जयशंकर से पूछना चाहता हूं कि वह इस मामले में क्या कहना चाहते हैं, क्या वह मानते हैं कि हमारे (भारत) के आंतरिंक मामलों में चीन और अमेरिका का हस्तक्षेप हो रहा है।
इसके बाद विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रतिपक्ष के सदस्य और मंडी संसदीय सेगमेंट के चुने हुए प्रतिनिधि, कंगना रणौत को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बोलने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार, विशेष रूप से बाहरी मामलों की मंत्रालय, अपने विदेश नीति के खिलाफ उनके दावों का जवाब देना चाहिए। ऐसे बयान किसानों के संघर्षों और बलिदान के लिए अपमान हैं। खासकर जब पीएम ने पहले ही किसानों के खिलाफ काले कानूनों को रोल बैक कर दिया है, यह बयान अस्वीकार्य है। हम उनके असंवेदनशील और विभाजनात्मक बयानों के लिए उनसे माफी मांगने की मांग करते हैं।
बता दें कि हाल ही में कंगना रनौत ने यह बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर शीर्ष नेतृत्व पर्याप्त मजबूत नहीं होता तो किसानों के विरोध प्रदर्शन से देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी। मंडी सांसद द्वारा एक्स पर सांझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि अब निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के दौरान लाशें लटकी थी और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही थीं। उन्होंने चीन और अमेरिका के शामिल होने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा कंगना रनौत के इस बयान से असहमति जताते हुए किनारा कर चुकी है। भाजपा ने कहा कि ‘सांसद कंगना रनौत द्वारा किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में दिया गया बयान, पार्टी का मत नहीं है। भाजपा कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है। पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं।
