शिमला: नगर परिषद रोहड़ू ने नगर क्षेत्र में पालतू कुत्तों के पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही, बिना पंजीकरण के कुत्ता पालने वालों के खिलाफ जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। यह कदम पालतू कुत्तों के बेहतर प्रबंधन, सार्वजनिक स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि यह नियम हिमाचल प्रदेश शहरी विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण करवाएं ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए नागरिक नगर परिषद कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
नगर परिषद के अध्यक्ष अशोक चौहान ने शहर के निवासियों से इस पहल में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पालतू कुत्तों के प्रबंधन में मददगार होगा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना पंजीकरण के घूमने वाले कुत्तों को जब्त किया जा सकता है और उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
राजधानी शिमला में पहले से ही पालतू कुत्तों के पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। रोहड़ू नगर परिषद ने भी इसी तर्ज पर कदम उठाते हुए नगर क्षेत्र में रहने वाले सभी कुत्ता पालकों को पंजीकरण करवाने के निर्देश जारी किए हैं। नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी पार्षदों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को इस नियम के बारे में जागरूक करें।
नगर परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकरण न करवाने वाले कुत्ता पालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत जुर्माना और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। नगर परिषद ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस नियम का पालन करें और शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें।
