हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण में इस साल होली के दौरान हुई एक मारपीट की घटना ने सुर्खियां बटोर ली हैं। यह विवाद पंजाब से आए बाइक सवार पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच शुरू हुआ था, जिसके बाद कुल्लू के रहने वाले अमन सूद को इस मामले में दोषी ठहराया गया। पंजाब निवासी विजय कुमार की शिकायत के आधार पर अमन सूद के खिलाफ मणिकर्ण थाने में 15 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। आज, 24 मार्च 2025 को अमन सूद अपने वकील के साथ कुल्लू के एसडीएम कोर्ट में पेश हुए, जहां उन्होंने अपना पक्ष रखा।
यह घटना होली के उत्सव के दौरान मणिकर्ण में हुई, जो हिमाचल प्रदेश का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। बताया जाता है कि पंजाब से आए कुछ बाइक सवार पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई हुई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए। इस घटना के बाद विजय कुमार ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें अमन सूद को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया। पुलिस ने जांच के बाद अमन सूद के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और उन्हें 24 मार्च को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
कोर्ट में पेशी और अमन सूद का बयान
आज सुबह 11 बजे अमन सूद अपने वकील के साथ एसडीएम कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्होंने बाहर निकलकर मीडिया से बात की। अमन सूद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “मेरे खिलाफ यह कार्यवाही केवल मुझे परेशान करने के लिए की जा रही है। यह एक सोची-समझी साजिश है। मेरे ऊपर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाए गए हैं, जबकि पंजाब से आए उन बाइक सवारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जिन्होंने विवाद शुरू किया।” उन्होंने आगे कहा, “मैं देश की अखंडता और सम्मान के लिए झूठे मुकदमे सहने को तैयार हूं, लेकिन यह कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।”
अमन सूद ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की और स्थानीय लोगों की बजाय बाहरी पर्यटकों के पक्ष को तरजीह दी। उन्होंने दावा किया कि वह उस दिन मणिकर्ण में मौजूद जरूर थे, लेकिन उन्होंने कोई हिंसा नहीं की। उनके अनुसार, यह घटना होली के उत्साह में हुई एक छोटी-मोटी झड़प थी, जिसे गलत तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
पंजाबी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव
यह पहली बार नहीं है जब मणिकर्ण में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव की खबरें सामने आई हों। होली और अन्य त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश के इस खूबसूरत स्थल पर पहुंचते हैं, जिसके चलते कई बार सांस्कृतिक और व्यवहारगत मतभेद उभर आते हैं। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंजाब से आए बाइक सवार नशे में धुत थे और उन्होंने होली के नाम पर हुड़दंग मचाया, जिससे विवाद शुरू हुआ। दूसरी ओर, विजय कुमार का दावा है कि स्थानीय लोगों ने उनके समूह पर हमला किया और अमन सूद ने इस घटना में मुख्य भूमिका निभाई।
पुलिस और प्रशासन का रुख
मणिकर्ण थाने के एक अधिकारी ने बताया कि विजय कुमार की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच में अमन सूद का नाम सामने आया। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले की गहन जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, कुल्लू प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का फैसला किया है।
सोशल मीडिया पर बहस
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग अमन सूद के समर्थन में उतरे हैं और इसे स्थानीय लोगों के खिलाफ अन्याय बता रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, “झंडा उतरवाने के लिए मणिकर्ण में हिमाचली अमन के खिलाफ ही मामला दर्ज हुआ, यह कहां का न्याय है?” वहीं, दूसरी ओर कुछ यूजर्स का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
एसडीएम कोर्ट में आज की पेशी के बाद इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। अमन सूद के वकील ने कहा कि वे कोर्ट में मजबूत सबूत पेश करेंगे और अपने मुवक्किल को बेकसूर साबित करेंगे। दूसरी ओर, विजय कुमार और उनके समूह ने भी इस मामले को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यह घटना न केवल मणिकर्ण बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और स्थानीय लोगों के बीच संबंधों पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कोर्ट का फैसला और पुलिस की जांच क्या रंग लाती है, यह देखना बाकी है।
फिलहाल, मणिकर्ण में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि त्योहारों के दौरान आपसी समझ और संयम कितना जरूरी है।
