शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि पूर्व सरकार द्वारा शुरू की गई सहारा योजना को बंद नहीं किया गया है और इसे जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन पात्र लाभार्थियों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है, उन्हें जल्द ही राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि योजना बंद होने की अफवाहें गलत हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस योजना के तहत 140 करोड़ रुपये जारी किए हैं और शेष देनदारी भी जल्द चुकाई जाएगी।
योजना में संशोधन पर विचार
सुक्खू ने कहा कि योजना के नियमों में संशोधन पर विचार किया जाएगा और कुछ नई बीमारियों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों में पात्र लाभार्थियों की संख्या अधिक है, जबकि कुछ में कम, इसलिए समीक्षा कर इसे संतुलित किया जाएगा।
दस्तावेजों की कमी से लंबित हो रहे मामले
स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने बताया कि योजना के तहत 33,181 लाभार्थियों को 3,000 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है। हालांकि, कई मामले दस्तावेज पूर्ण न होने के कारण लंबित हैं, जिन्हें जल्द ही सुलझाया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने बताया योजना का इतिहास
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने योजना की शुरुआत का किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक दुर्घटनाग्रस्त कार्यकर्ता से मिलने के बाद उन्होंने इसकी पहल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लाभार्थियों को महीनों से पैसे नहीं मिले हैं।
रणधीर शर्मा ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की। सरकार ने आश्वासन दिया कि एसडीएम-सीएमओ स्तर की समिति बनाकर लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा, ताकि सभी पात्र व्यक्तियों को लाभ मिल सके।
