April 15, 2026
Baijnath

जमा 2 के बाद परीक्षार्थियों के लिए टिप्स: परीक्षा का तनाव नहीं, आत्मविश्वास है जरूरी , परीक्षा को मन पर हावी न होने दें – रितिका जिंदल

बैजनाथ, 8 अप्रैल 2025

जमा 2 (12वीं कक्षा) की परीक्षाओं के समापन के बाद छात्रों और अभिभावकों के मन में यह संशय बना रहता है कि आगे की प्रतियोगी या प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कैसे की जाए और तय लक्ष्यों को कैसे हासिल किया जाए। इस भ्रम को दूर करने के लिए विशेषज्ञों ने कई उपयोगी सुझाव दिए हैं। हिमाचल कैडर की 2019 बैच की आईएएस अधिकारी रितिका जिंदल का कहना है कि परीक्षा को बोझ न बनाएं। स्कूली पढ़ाई से प्राप्त ज्ञान की गहराई को समझें और इसे एक चुनौती के रूप में आनंद के साथ स्वीकार करें। उनका मानना है कि घर का सकारात्मक माहौल और परिवार का समर्थन छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत बनाए रखने में मदद करता है।

समय प्रबंधन और संतुलित दिनचर्या

नादौन के अखिलेश दीक्षित सलाह देते हैं कि समय प्रबंधन को प्राथमिकता दें। एक संतुलित दिनचर्या बनाएं, जिसमें पढ़ाई के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाए। मेडिटेशन, योग या हल्का व्यायाम तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। आईएएस अधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि आत्मविश्वास और अनुशासन छात्रों की सबसे बड़ी ताकत हैं। पिछले प्रदर्शन की गलतियों से पछताने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ें।

शैक्षणिक रणनीति

भारतीय विद्यापीठ बैजनाथ के मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत डोगरा सुझाव देते हैं कि इंजीनियरिंग में रुचि रखने वाले छात्र एनसीईआरटी के हाई ऑर्डर थिंकिंग प्रश्नों का गहन अध्ययन करें। मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्र अच्छे कोचिंग सेंटर से शॉर्ट कोर्सेज जॉइन करें। जेईई मेन्स की परीक्षा समाप्त होने के बाद आईआईटी में रुझान रखने वाले छात्र जमा 1 और जमा 2 की पुस्तकों का विस्तृत अध्ययन करें। इसके अलावा, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास परीक्षा पैटर्न को समझने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग

रितिका जिंदल के अनुसार, यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सही इस्तेमाल शैक्षणिक और व्यावसायिक ज्ञान बढ़ाने में मील का पत्थर हो सकता है, बशर्ते इनका उपयोग समय बर्बादी के बजाय लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए हो। करियर काउंसलिंग या मेंटर्स से मार्गदर्शन लेना भी सही करियर पथ चुनने में सहायक हो सकता है।

प्रतिभा की खोज और मेहनत

हमीरपुर जिला के भोरंज से ताल्लुक रखने वाले सब इंस्पेक्टर मुनीष कुमार, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की साइबर कमांडो परीक्षा उत्तीर्ण की, कहते हैं कि यदि प्रतियोगी परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक अंक न आएं, तो अपनी प्रतिभा की खोज करें। चाहे वह चित्रकारी, खेलकूद, संगीत या कोई अन्य कला हो, उसमें मेहनत कर निखार लाएं। दुनिया किसी के अंकों को नहीं, बल्कि उसके कौशल को देखती और सराहती है।

सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक शक्ति

मंडी रेंज की डीआईजी (आईपीएस) सौम्या शाम शिवम का मानना है कि इष्ट देवता को साक्षी मानकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं। महाभारत के अर्जुन की तरह लक्ष्य पर निशाना साधें। माता-पिता और बुद्धिजीवियों के मार्गदर्शन से जीवन की हर परीक्षा में उत्तीर्ण होने की क्षमता विकसित करें।

सफलता का मंत्र

विशेषज्ञों का एकमत है कि सफलता का कोई निश्चित फॉर्मूला नहीं होता। यह मेहनत, लगन, सही रणनीति और कभी हार न मानने वाले जज्बे का संगम है। जमा 2 के बाद का यह पड़ाव भविष्य की नींव है। इसे मजबूत बनाने के लिए खुद पर भरोसा रखें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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