बैजनाथ (कांगड़ा): बैजनाथ क्षेत्र में पारंपरिक सिंचाई नहरों (कूहलों) में कूड़ा-कचरा, गंदगी और प्लास्टिक के लिफाफे फेंकने की बढ़ती समस्या पर क्षेत्रीय विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति कूहलों में कचरा फेंकते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए जाएंगे, जिससे दोषियों को अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
विधायक किशोरी लाल ने नगर परिषद बैजनाथ-पपरोला के कार्यकारी अधिकारी चमन कपूर और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राहुल धीमान को निर्देश दिए हैं कि कूहलों की निगरानी के लिए चौकीदारों की तैनाती की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति इनमें गंदगी न डाले। विधायक ने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ स्वयं मौके पर जाकर कूहलों का मुआयना किया और उनमें जमी गाद व गंदगी को शीघ्र निकालने के आदेश जारी किए।
हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद बैजनाथ-पपरोला प्रतिमाह केवल बैजनाथ क्षेत्र में ही कूड़ा संग्रहण व निस्तारण पर लगभग छह लाख रुपये खर्च कर रही है, फिर भी कुछ लोग कूहलों में कचरा फेंकने से बाज नहीं आ रहे। इससे न केवल सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि जल स्रोतों का प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
विधायक किशोरी लाल ने कहा कि कूहल हिमाचल की जल संरक्षण की पारंपरिक धरोहर हैं और इनकी सफाई व संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कचरे का उचित निस्तारण करें तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें। इस मुद्दे पर सख्ती से अमल सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं।
