कांगड़ा, 27 अप्रैल 2025: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर में 10 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) पर अपने रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन नागरिकों को फिलहाल वापस न भेजने का फैसला लिया है। वहीं, शॉर्ट टर्म वीजा पर आए पाकिस्तानी नागरिकों को 29 अप्रैल तक बाघा बॉर्डर से वापस लौटने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।

शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम बैठक हुई। इसमें हिमाचल सरकार ने केंद्र को बताया कि शाहपुर में 10 पाकिस्तानी हिंदू नागरिक लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे हैं और वे अपने रिश्तेदारों के साथ हैं। केंद्र ने स्पष्ट किया कि लॉन्ग टर्म वीजा धारकों को वापस नहीं भेजा जाएगा, लेकिन शॉर्ट टर्म वीजा धारकों को तत्काल वापस जाना होगा। हिमाचल सरकार ने जानकारी दी कि प्रदेश में कोई भी शॉर्ट टर्म वीजा धारक पाकिस्तानी नागरिक मौजूद नहीं है।
हालिया आतंकी हमले के बाद सख्त कदम
यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दीं। मेडिकल वीजा को 29 अप्रैल तक वैध रखा गया है, जबकि 24 अप्रैल 2025 तक के सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के तहत जारी वीजा रद्द कर दिए गए हैं। छात्रों, पत्रकारों, बिजनेसमैन और अन्य श्रेणियों के पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा भी रद्द किए गए हैं।
क्या है सार्क वीजा छूट योजना?
सार्क वीजा छूट योजना (SVES) को 1992 में शुरू किया गया था, ताकि सार्क देशों (अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका) के बीच यात्रा को आसान बनाया जा सके। यह योजना 1988 के इस्लामाबाद सार्क शिखर सम्मेलन में प्रस्तावित हुई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना था। इस योजना के तहत 24 विशिष्ट श्रेणियों, जैसे गणमान्य व्यक्ति, जज, सांसद, वरिष्ठ अधिकारी, बिजनेसमैन, पत्रकार और खेल हस्तियों को विशेष वीजा स्टिकर जारी किया जाता है, जिससे उन्हें अलग-अलग वीजा की जरूरत नहीं पड़ती।
अमित शाह के निर्देश: पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर सूची केंद्र को भेजने का निर्देश दिया। यह कदम पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित समय सीमा के बाद भारत में न रहे।
हिमाचल में स्थिति स्पष्ट
हिमाचल सरकार ने केंद्र को आश्वस्त किया है कि प्रदेश में केवल लॉन्ग टर्म वीजा धारक पाकिस्तानी हिंदू नागरिक मौजूद हैं, जिन्हें वापस नहीं भेजा जाएगा। शॉर्ट टर्म वीजा धारकों की अनुपस्थिति के कारण प्रदेश में इस आदेश का कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह कदम भारत सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जो आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर केंद्रित है।
