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May 17, 2026
Sports

Bengaluru Stampede: RCB की आईपीएल जीत का जश्न बना मातम: चिन्नास्वामी स्टेडियम में भगदड़, 11 की मौ.त, चीखों से गूंजा बेंगलुरु

बेंगलुरु, 5 जून 2025: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की आईपीएल 2025 जीत के जश्न के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जुटी भारी भीड़ में बुधवार को भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की है। साथ ही, इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जश्न से मातम तक का सफर

मंगलवार को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को छह रन से हराकर आरसीबी ने 18 साल बाद अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए बुधवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक समारोह और विजय परेड का आयोजन किया गया था। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) और राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा खिलाड़ियों, खासकर विराट कोहली की एक झलक पाने के लिए जुटे थे। लेकिन अपर्याप्त व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण यह जश्न मातम में बदल गया।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि स्टेडियम की क्षमता केवल 35,000 है, लेकिन 2-3 लाख लोग वहां एकत्र हो गए, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा, “यह एक अप्रत्याशित त्रासदी है। हम इस घटना का बचाव नहीं करना चाहते। हमने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

भगदड़ का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर भारी भीड़ जमा थी, जहां प्रवेश के लिए पास अनिवार्य थे। लेकिन हजारों लोग बिना पास के पहुंच गए थे। लिंगराजपुरम से आए चश्मदीद इनायत ने बताया कि गेट पर तिल रखने की जगह नहीं थी। जैसे ही गेट हल्का सा खुला, भीड़ ने अंदर घुसने की कोशिश की। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तीन लड़कियों ने गेट को धक्का दिया, जिसके बाद वह खुल गया। पीछे से भीड़ ने उन्हें कुचलते हुए अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे कई लोग एक के बाद एक गिरते गए। चीख-पुकार से स्टेडियम का बाहरी हिस्सा गूंज उठा।

बॉरिंग अस्पताल में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें 13 वर्षीय दिव्यांशी, 26 वर्षीय दिया, 21 वर्षीय श्रवण, एक अज्ञात लड़की, एक 17 वर्षीय लड़का और एक अज्ञात पुरुष शामिल हैं। वायदी अस्पताल में चार और मणिपाल अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हुई। घायलों में से एक की हालत गंभीर है, और कई को सिर की चोटों के कारण निमहंस भेजा गया है।

‘मैंने अपनी पोती खो दी’

कनूर से आई 14 वर्षीय दिव्यांशी अपनी मां, छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ जश्न में शामिल होने आई थी। भगदड़ में उसकी मौत हो गई। बॉरिंग अस्पताल के बाहर उसकी दादी ने रोते हुए कहा, “वहां बहुत सारे लोग थे, एक-दूसरे पर चढ़कर अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। धक्का-मुक्की कर रही भीड़ को कुछ नहीं हुआ, लेकिन मैंने अपनी पोती को खो दिया।”

अपर्याप्त व्यवस्था पर सवाल

प्रशंसकों और विपक्षी नेताओं ने आयोजकों की लापरवाही पर गुस्सा जाहिर किया है। बताया गया कि विजय परेड के लिए अंतिम समय तक कोई स्पष्ट योजना नहीं थी। पास चेक करने के लिए कुछ लोग तैनात थे, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मेट्रो स्टेशन के बाहर पुलिस की अनुपस्थिति और छोटे गेटों पर अपर्याप्त सुरक्षा ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “हमने 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए थे, लेकिन भीड़ अनियंत्रित थी। यह एक युवा और उत्साही भीड़ थी, हम उन पर लाठीचार्ज नहीं कर सकते थे।” उन्होंने माफी मांगते हुए घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाओं का आश्वासन दिया।

राजनीतिक विवाद और जांच की मांग

विपक्षी दल बीजेपी और जेडी(एस) ने इस हादसे को “राज्य प्रायोजित लापरवाही” करार देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस्तीफे की मांग की है। बीजेपी नेता बीवाई विजयेंद्र ने इसे “राज्य सरकार की आपराधिक लापरवाही” बताया और न्यायिक जांच की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सरकार ने बिना तैयारी के जल्दबाजी में समारोह आयोजित किया, जिसके परिणामस्वरूप यह त्रासदी हुई।

आरसीबी और बीसीसीआई का बयान

आरसीबी ने एक आधिकारिक बयान में इस हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि जैसे ही उन्हें भगदड़ की जानकारी मिली, उन्होंने कार्यक्रम को संशोधित कर स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन किया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आयोजकों की लापरवाही को स्वीकार करते हुए कहा, “यह लोकप्रियता का नकारात्मक पहलू है। आयोजकों को बेहतर योजना बनानी चाहिए थी।”

सरकारी और नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को “दिल दहलाने वाला” बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भी शोक व्यक्त किया और जांच की मांग की।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “इस त्रासदी का दर्द जीत की खुशी को मिटा देता है। हम पीड़ितों के साथ हैं।” उन्होंने राजनीतिक आरोपों का जवाब देते हुए कहा, “मैं इस हादसे का बचाव नहीं कर रहा। बीजेपी इसे राजनीति बनाए, लेकिन हम जांच के परिणाम की प्रतीक्षा करेंगे।”

भविष्य के लिए सबक

यह त्रासदी बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेडियम की क्षमता और भीड़ के आकार का आकलन करने में गंभीर चूक हुई। बीसीसीआई ने अहमदाबाद और मुंबई में हाल के बड़े आयोजनों का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर योजना से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

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