April 17, 2026
Shimla

Himachal News : हिमाचल के होटलों में हर महीने होगी खाने-पानी की जांच, गुणवत्ता में कमी पर होगी सख्त कार्रवाई

शिमला, 5 जून 2025: हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए होटलों में खाद्य और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कदम उठाया गया है। अब प्रदेश के सभी होटलों में हर महीने खाने और पानी के सैंपल लिए जाएंगे, जिनकी जांच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की मान्यता प्राप्त लैब में होगी। यदि गुणवत्ता में कोई कमी पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईट राइट कैंपस की शुरुआत

प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटलों को ‘ईट राइट कैंपस’ के तहत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल के तहत होटलों में एफएसएसएआई के निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन तैयार किया जाएगा। पर्यटन नगरी कसौली के चार होटलों ने इस व्यवस्था को लागू कर दिया है, और जल्द ही अन्य होटलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। सोलन जिला खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अरुण चौहान ने बताया कि होटलों का ऑडिट करने के बाद उन्हें ‘ईट राइट होटल’ का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। यह प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद होटलों को इन मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।

हर माह होगी सैंपल जांच

ईट राइट कैंपस के तहत हर महीने होटलों में पानी और तैयार खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे। इन सैंपलों की जांच एफएसएसएआई की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में की जाएगी। यदि सैंपलों में कोई खामी पाई गई, जैसे कि पानी या खाने में अशुद्धता, तो संबंधित होटल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छ, पौष्टिक और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी सेहत से कोई समझौता न हो।

पर्यटन क्षेत्र में सख्ती की जरूरत

हिमाचल प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है, जहां शिमला, कसौली, चायल, मनाली और धर्मशाला जैसे स्थानों पर हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। इन क्षेत्रों में सैकड़ों होटल और रेस्तरां हैं, जहां लोग भोजन करते हैं और ठहरते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि पर्यटकों की सेहत को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। पहले यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू थी, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

क्यों जरूरी है यह कदम?

हिमाचल में पर्यटन के बढ़ते महत्व के साथ ही होटलों और रेस्तरां में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य हो गया है। हाल के वर्षों में खाद्य पदार्थों और पानी की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। ईट राइट कैंपस पहल न केवल होटलों को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों में विश्वास भी बढ़ाएगी।

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