मंडी जिले के पद्धर थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक पूर्व सैनिक शिवलाल ने अपनी जीवित पत्नी सिधो देवी को 1981 में मृत घोषित कर सेना के रिकॉर्ड से उसका नाम हटवा दिया और दूसरी महिला को अपनी पत्नी बताकर उसका नाम दर्ज करवा लिया। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब सिधो देवी को पेंशन नहीं मिली और उन्होंने RTI के जरिए सेना से जानकारी मांगी।
सिधो देवी, निवासी गरलोग, ने बताया कि उनकी शादी 1974 में शिवलाल से हुई थी। कुछ वर्षों बाद पति-पत्नी में विवाद हो गया, जिसके चलते दोनों अलग हो गए। 1994 में जोगेंद्रनगर न्यायालय ने शिवलाल को सिधो देवी को 300 रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया, लेकिन उसने यह राशि कभी नहीं दी। 1995 में न्यायालय ने शिवलाल की संपत्ति कुर्क कर दी थी।
इसी बीच, शिवलाल ने चालाकी दिखाते हुए पंचायत से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सिधो देवी को 1981 में मृत घोषित कर दिया और सेना के रिकॉर्ड में यह जमा करवाया। इसके बाद उसने दूसरी महिला का नाम अपनी पत्नी के रूप में दर्ज करवा लिया। सिधो देवी को जब वर्षों तक गुजारा भत्ता नहीं मिला, तो उन्होंने 2022 में RTI के जरिए जानकारी मांगी। सेना के जवाब से पता चला कि उन्हें 1981 में मृत घोषित किया गया है, जबकि वह आज भी जीवित हैं और पंचायत के परिवार रजिस्टर (कुन्नू, कटोचधार) में उनका नाम दर्ज है।
सिधो देवी ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पद्धर पुलिस थाना में दर्ज करवाई। थाना प्रभारी सौरभ ने बताया कि कुन्नू पंचायत और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से रिकॉर्ड मंगवाए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
