शिमला, 18 जून 2025: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून के राज्य में प्रवेश करने की संभावना है, जिसके साथ आगामी एक सप्ताह तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों में घागस में 55.4 मिमी, सुंदरनगर में 50.2 मिमी, मुरारी देवी में 39.2 मिमी, भुंतर में 31.0 मिमी, गोहर में 25.0 मिमी, बग्गी में 24.1 मिमी, बंजार और मंडी में 21.0 मिमी, स्लापड़ में 20.9 मिमी, तथा सराहन और रोहड़ू में 20.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चार दिन भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 18 से 19 जून तक राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, 20 से 24 जून तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। विशेष रूप से 20 जून को भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट और 21 से 23 जून के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा, मंडी, और सोलन के लिए येलो अलर्ट लागू है।
तापमान में बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3-4 दिनों में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभावित है। अधिकतम तापमान में अगले 48 घंटों में 2-4 डिग्री की वृद्धि हो सकती है, जिसके बाद 3-4 डिग्री की कमी आने की संभावना है।
विभिन्न स्थानों पर न्यूनतम तापमान
शिमला में 16.6, सुंदरनगर में 21.8, भुंतर में 19.0, कल्पा में 12.3, धर्मशाला में 16.2, ऊना में 18.6, नाहन में 19.0, केलांग में 9.8, पालमपुर में 17.5, सोलन में 19.6, मनाली में 15.7, कांगड़ा में 21.8, मंडी में 21.8, बिलासपुर में 23.4, हमीरपुर में 24.5, चंबा में 18.5, डलहौजी में 16.5, कुफरी में 14.7, कुकुमसेरी में 9.8, नारकंडा में 12.2, भरमौर में 15.7, रिकांगपिओ में 15.4, सेऊबाग में 18.2, बरठीं में 23.0, कसौली में 18.7, पांवटा साहिब में 26.0, सराहन में 14.3, ताबो में 12.4, और नेरी में 22.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
प्रशासन और जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन बगीचों में तेज हवाओं से बचाव के लिए जाल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
